नारायणपुर (हि.स.) । छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सक्रिय 11 नक्सलियों ने बुधवार को पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। बस्तर आईजी सुन्दरराज पी. ने इसे माओवादी विचारधारा के अंत का संकेत बताया है।
माओवादी विचारधारा के अंत का संकेत : बस्तर आईजी
बस्तर आईजी ने कहा कि लोग अब शांति और गरिमा का जीवन चुन रहे हैं और प्रशासन उनके पुनर्वास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आत्मसमर्पित नक्सलियों पर कुल 37 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वालों में महिलाएं और पुरुष शामिल
आत्मसमर्पण करने वालों में 5 महिला और 6 पुरुष नक्सली शामिल हैं, जो लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय बताए जा रहे थे।
कई बड़े नक्सली कमांडर शामिल
पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया ने बताया कि हथियार डालने वाले 11 नक्सलियों में कई बड़े कमांडर शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से मिलिट्री कंपनी के 3 सदस्य, एक एसीएम और 7 पार्टी सदस्य शामिल हैं।
इनामी नक्सलियों का विवरण
इनमें 8-8 लाख के इनामी मिलिट्री कंपनी सदस्य बोडा वड्डे, नमेष मण्डावी और सोमारी मण्डावी तथा 5 लाख के इनामी एरिया कमेटी सदस्य सियाराम सलाम और एक और दो लाख के इनामी सदस्य शामिल हैं।
प्रदान की गई प्रोत्साहन राशि
आत्मसमर्पण के तुरंत बाद सभी 11 नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 50-50 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सरेंडर
सभी नक्सलियों ने नारायणपुर जिले के पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण के दौरान पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने बताया कि यह सरेंडर राज्य सरकार की प्रभावी नक्सल पुनर्वास नीति, सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और विकास कार्यों का सकारात्मक परिणाम है।

















