हल्द्वानी । नैनीताल जिले के अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व व प्रशासक जमरानी बांध परियोजना विस्थापन समन्वय समिति शैलेन्द्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में हल्द्वानी सर्किट हाउस में विस्थापन समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक में समिति में सभी प्रभावित 6 गांवों के प्रतिनिधियों के साथ ही परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में प्रभावितों के विस्थापन संबंधित विभिन्न प्रकरणों में विचार-विमर्श किया गया।
भूमि व आवासीय कॉलोनी का निरीक्षण
तथा जमरानी बांध परियोजना के विस्थापितों हेतु उधमसिंह नगर के परागफार्म में दी जा रही भूमि एवं आवासीय कॉलोनी का भी समिति के सदस्यों व विभागीय अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण किया।
छह गांव प्रभावित
अपर जिला अधिकारी ने अवगत कराया कि जमरानी बांध परियोजना अंतर्गत क्षेत्र के 6 गांव प्रभावित हैं, जिनके विस्थापन हेतु पुनर्वास योजना स्वीकृत की गई है। विस्थापित लोगों को तीन श्रेणी में स्थापित किया जाना है।
213 परिवारों को कृषि भूमि व आवासीय प्लॉट
प्रथम श्रेणी में 213 परिवार वह है जिनकी भूमि 50 प्रतिशत से अधिक व आवासीय मकान डूब क्षेत्र में आ रहे हैं, इन सभी प्रभावितों को परागफार्म में 1 एकड़ कृषि भूमि खेती के लिए तथा 200 वर्ग मीटर का आवासीय प्लाट दिया जा रहा है।
871 परिवारों को भूमि का मुआवजा
द्वितीय श्रेणी में कुल 871 परिवार वह हैं जिनकी 50% से कम भूमि परियोजना में आ रही है ऐसे सभी प्रभावितों को भूमि का मुआवजा दिया जा रहा है।
18 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को आवास
इसके अतिरिक्त तृतीय श्रेणी में वह लोग हैं जो प्रथम श्रेणी के प्रभावितों के 18 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे हैं। इन्हें पराग फार्म में 50 वर्ग मीटर का बना बनाया घर दिया जाना है।
तीसरी श्रेणी के लाभार्थियों को 6 लाख रुपये देने पर चर्चा
बैठक में इन्हीं तीसरी श्रेणी के लोगों को घर दिए जाने के संबंध में चर्चा की गई, जिसमें अपर जिला अधिकारी ने गांव से आए समिति के सदस्यों से पराग फॉर्म में बना बनाया आवास के स्थान पर 6 लाख रुपए आवास बनाने हेतु दिए जाए तो उसमें उनकी राय ली गई।
गांवों में बैठक कर निर्णय लेने की सहमति
इस संबंध में गांवों से आए सदस्यों द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त सम्बन्ध में गांव में सभी प्रभावितों के साथ बैठक कर चर्चा करते हुए जो भी निर्णय होगा, उससे अवगत कराया जाएगा।
वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में जमरानी बांध परियोजना के महाप्रबंधक महेश खरे, उप महाप्रबंधक ललित कुमार, बीपी पांडे परियोजना प्रबंधक हिमांशु पंत सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
पराग फार्म में बंद पड़ी कॉलोनी व भूमि का स्थलीय निरीक्षण
इसके उपरांत समिति के सदस्यों व अधिकारियों द्वारा परागफॉर्म में बंद रही आवासीय कॉलोनी एवं आवंटित की जाने वाली भूमि का स्थलीय निरीक्षण भी किया गया।
50 वर्षों बाद शुरू हुई परियोजना
सांसद अजय भट्ट ने बताया कि पीएम मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से यह प्रोजेक्ट करीब 50 सालों के इंतजार के बाद शुरू हुई है और इस पर काम तेजी से चल रहा है। धामी सरकार के आग्रह पर यह परियोजना पीएमओ ने मंजूर की है।

















