जय सोमनाथ: 17 बार इस्लामी आक्रांताओं का आक्रमण सहने के बाद भी कैसे अडिग रहा सोमनाथ मंदिर?
October 4, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

जय सोमनाथ: 17 बार इस्लामी आक्रांताओं का आक्रमण सहने के बाद भी कैसे अडिग रहा सोमनाथ मंदिर?

सोमनाथ मंदिर को हिंदू धर्म का पवित्र तीर्थ स्थल माना जाता है और यह भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहाँ हर साल हजारों श्रद्धालु आते हैं और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं।

Written byMahak SinghMahak Singh
Jan 8, 2026, 05:20 pm IST
inभारत, गुजरात
सोमनाथ मंदिर

सोमनाथ मंदिर

भारत के पश्चिमी तट पर गुजरात राज्य के जूनागढ़ जिले के प्रभास पाटण में स्थित सोमनाथ मंदिर एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर समुद्र के किनारे होने के कारण न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी बहुत महत्वपूर्ण है। सोमनाथ मंदिर को हिंदू धर्म का पवित्र तीर्थ स्थल माना जाता है और यह भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहाँ हर साल हजारों श्रद्धालु आते हैं और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं।

सोमनाथ मंदिर: आस्था, संघर्ष का प्रतीक- सोमनाथ मंदिर का इतिहास बहुत पुराना और संघर्षपूर्ण रहा है। इसे कई बार लूट और आक्रमण का सामना करना पड़ा। इतिहास के अनुसार, इस मंदिर पर पहला आक्रमण 1026 ईस्वी में मोहम्मद गजनी ने किया था। उसके बाद कई अन्य हमलावरों ने भी इस मंदिर पर हमला किया। सबसे प्रमुख आक्रमण 1708 ईस्वी में औरंगजेब के अधीन गुजरात के मुगल सूबेदार मोहम्मद आजम ने किया। इसके बावजूद सोमनाथ मंदिर हमेशा हिंदू धर्म और संस्कृति का प्रतीक बना रहा। इतिहास में कई बार इस मंदिर को तोड़ा गया, लेकिन हिंदुओं की आस्था और श्रद्धा के कारण इसे हमेशा पुनः बनाया गया। सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, कला और स्थापत्य का भी प्रतीक है। इसकी वास्तुकला समुद्र के किनारे होने के कारण और भी आकर्षक दिखती है।

सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण- सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की कहानी भी बहुत प्रेरणादायक है। भारत के पहले गृहमंत्री, सरदार वल्लभभाई पटेल ने इसे पुनः स्थापित करने का संकल्प लिया। उन्होंने सोमनाथ मंदिर को उसके मूल स्वरूप में पुनः बनाने की योजना बनाई। मंदिर के पुनर्निर्माण में लाखों श्रद्धालुओं और देशवासियों ने सहयोग किया। 11 मई 1951 को मंदिर के गर्भगृह में भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य समारोह हुआ। इस समारोह में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद स्वयं उपस्थित हुए और विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की। इस दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा एक ऐतिहासिक घटना बन गया।

यह भी पढ़ें- जय सोमनाथ: क्या आप जानते हैं सोमनाथ मंदिर का नाम कैसे पड़ा? जानिए अद्भुत कथा

भव्य वास्तुकला और सांस्कृतिक प्रतीक- मंदिर का वास्तुकला बहुत ही आकर्षक और भव्य है। इसमें अनेक प्रमुख द्वार और मूर्तियां हैं। विशेष रूप से, मंदिर के प्रमुख द्वार जिसे दिग्विजय द्वार कहा जाता है, के सामने सरदार पटेल की ऊँची प्रतिमा स्थापित है। यह प्रतिमा उनके अदम्य साहस, योगदान और संघर्ष का प्रतीक है। सोमनाथ मंदिर सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है। यह भारत की संस्कृति, इतिहास और धर्मनिरपेक्षता का प्रतीक भी है। समुद्र के किनारे होने के कारण इसका दृश्य बहुत ही मनमोहक है। यहाँ आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु दोनों ही मंदिर और इसके आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते हैं।

यह भी पढ़ें- नाथों के नाथ सोमनाथ: 17 आक्रमण सह कर भी जीवंत रही आस्था

सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक- सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण और फिर उसका पुनर्निर्माण हमें यह सिखाता है कि धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए दृढ़ निश्चय और आस्था बहुत महत्वपूर्ण है। यह मंदिर हर बार तबाह होने के बाद भी फिर से अपनी भव्यता के साथ खड़ा हुआ। यही इसे अटल और अडिग प्रतीक बनाता है। आज सोमनाथ मंदिर में न केवल भारत के श्रद्धालु आते हैं, बल्कि दुनिया भर से पर्यटक भी इसे देखने आते हैं। मंदिर के गर्भगृह में स्थित शिवलिंग अत्यंत पवित्र माना जाता है। श्रद्धालु यहाँ पूजा, भजन और ध्यान के लिए आते हैं।

Topics: सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माणसोमनाथ मंदिर पर आक्रमणJai SomnathSomnath templeजय सोमनाथसरदार वल्लभभाई पटेलsomnath jyotirlingasomnath mandirHistory of Somnath TempleSomnath Temple Gujarat
Mahak Singh
Mahak Singh
2022 में ज़ी न्यूज़ से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद न्यूज़ नेशन, दैनिक जागरण और न्यूज़ 24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में पाञ्चजन्य में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। ज़िमा ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से मैने पत्रकारिता की है। [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ सिर्फ स्मारक नहीं, एकता और विकास की जीवंत अभिव्यक्ति’

सोमनाथ मंदिर-BJP कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल में लिखे- खालिस्तान जिंदाबाद के नारे; पुलिस ने शुरू की जांच

 वंदे मातरम् कुछ अज्ञात तथ्य

सामने आ रहा इतिहास का सच, कैसे मंदिर को ध्‍वस्‍त करके भारत में मस्‍जिदें बनाई गईं?

हिंदू आस्था और स्वाभिमान, जय सोमनाथ

भगवान सोमनाथ का अभिषेक करते प्रधानमंत्री

सोमनाथ और भारत की अदम्य आत्मशक्ति!

Load More

ताज़ा समाचार

RSS Akhil Bharatiya Sampark Pramukh Ramlal Speech Aligarh Keshav Seva Dham Northeast Children Panchjanya

“संघ ने पूर्वोत्तर को मुख्यधारा से जोड़ने में निभाई प्रमुख भूमिका”: रामलाल जी

मैड संधू (फाइल फोटो)

कमल कौर भाभी के बाद पंजाब में सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर मैड संधू की हत्या

विधायक सुखबीर सिंह माइसरखाना (बाएं) और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान।

पंजाब में सच बोलने की सजा: विधायक माइसरखाना आम आदमी पार्टी से सस्पेंड, सरकार की शिक्षा संबंधी अव्यवस्था पर उठाए थे सवाल

RSS Blood Donation Camp Haridwar Poster Release Yatindra Nagyan Gyanesh Thakral Panchjanya

डेंगू के प्रकोप के बीच हरिद्वार में RSS का बड़ा कदम: 4 अक्टूबर को विशाल रक्तदान शिविर, युवाओं से महादान की अपील!

RSS Centenary Year Gorakhpur Prant Pracharak Ramesh Speech Panchjanya

RSS Centenary Year: संघ की शताब्दी यात्रा सेवा और संस्कार का आधार, गोरखपुर में बोले प्रान्त प्रचारक रमेश

Rashtriya Seva Bharti Swavalamban Camp Varanasi Parag Abhyankar Exhibition Panchjanya

“पेट भरने के साथ व्यक्ति को स्वावलंबी बनाना उद्देश्य”: वाराणसी में राष्ट्रीय सेवा भारती वर्ग में बोले पराग अभ्यंकर

विधायक सुखबीर सिंह माइसरखाना (बाएं) और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान।

पंजाब में शिक्षा क्रान्ति की सचाई: फूट फूट कर रोए आप विधायक, बोले – स्कूलों में अध्यापकों की कमी, सुनवाई नहीं हो रही

काशी में पाकिस्तानेश्वर महादेव का नाम सिंधु गंगेश्वर करने को लेकर सिंधी समाज ने सौंपा ज्ञापन।

काशी में पाकिस्तानेश्वर महादेव का नाम सिंधु गंगेश्वर महादेव करने की मांग, जानिये पाकिस्तान से काशी कैसे पहुंचा शिवलिंग

प्रतीकात्मक चित्र

एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता

Madhav Srishti Naturopathy Centre Solan Inauguration Governor Vidya Bharti Panchjanya

सोलन में ‘माधव सृष्टि’ प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का शुभारंभ: राज्यपाल ने की सराहना, जानें केंद्र की बड़ी बातें!

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies