कोलकाता (हि.स.) । पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में जमीन विवाद में तृणमूल कांग्रेस के एक नेता को पकड़ने गई पुलिस पर उसके समर्थकों ने हमला कर दिया। इस हमले में छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तारी के दौरान भड़की हिंसा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राजबाड़ी फांड़ी की पुलिस टीम शुक्रवार रात संदेशखाली ब्लॉक के बोयरमारी इलाके में तृणमूल नेता मूसा मोल्ला को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची और उसे थाने चलने को कहा। इसी दौरान उसने अपने समर्थकों को फोन कर मौके पर बुला लिया। भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया।
पुलिस वाहन से उतारा गया आरोपी
पुलिस का दावा है कि हमलावरों ने आरोपित को पुलिस वाहन से जबरन उतार लिया। इसके बाद पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़ की गई। इस हमले में छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बेकाबू होते देख अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। घटना के बाद नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।
मूसा मोल्ला पर जमीन कब्जाने के आरोप
पुलिस के मुताबिक मुसा मोल्ला के खिलाफ लंबे समय से जमीन कब्जाने के आरोप लगते रहे हैं। वह जेल में बंद शेख शाहजहां का करीबी है। शिकायत थी कि मुसा मोल्ला ने एक खेती की जमीन में जबरन नमकीन पानी भरकर उसे भेड़ी यानी मछली पालन के तालाब में बदल दिया।
अदालत के आदेशों की अवहेलना
इस मामले में अदालत में केस भी दर्ज हुआ और संबंधित जमीन पर 144 धारा लागू कर दी गई थी। इस मामले में अदालत के आदेश के बावजूद मुसा मोल्ला ने गतिविधियां बंद नहीं कीं। इसी वजह से पुलिस उसे पकड़ने गई थी। फिलहाल मामले में गहन जांच पड़ताल जारी है।
पहले भी हिंसा की घटनाओं से जुड़ा रहा संदेशखाली
संदेशखाली पहले भी हिंसा की घटनाओं को लेकर सुर्खियों में रहा है। 2024 में राशन घोटाले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय की टीम और सुरक्षा बलों पर हमला हुआ था। पुलिस की गाड़ियों में भी जमकर तोड़फोड़ की गई थी।
राज्य में पुलिस पर हमलों का सिलसिला
इसके अलावा बीते 23 दिसंबर को विधाननगर के टेंगरा इलाके में चोरी के मामले में एक आरोपित को पकड़ने गई पुलिस पर हमला हुआ था, जिसमें सात पुलिसकर्मी घायल हुए थे। दो नवंबर को दमदम पार्क इलाके में वीआईपी रोड पर बाइक सवारों को रोकने पर पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट हुई थी।
पिछले वर्षों की गंभीर घटनाएं
इससे पहले 2023 में एगरा विस्फोट के बाद गुस्साई भीड़ ने पुलिस को निशाना बनाया था। 2017 में पूर्व बर्धमान के आउशग्राम में थाने में आगजनी की गई थी। बीरभूम के दुबराजपुर में बमबारी में एक पुलिस अधिकारी की जान चली गई थी।

















