बांग्लादेश में हाल की हिंसा और लिंचिंग की घटनाओं पर AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बयान दिया है। उन्होंने दो हिंदू युवकों – दीपू चंद्र दास और अमृत मंडल – की भीड़ द्वारा की गई हत्या की कड़ी निंदा की। उन्होंने ये भी कहा कि भारत सभी दुश्मन ताकतें आईएसआई, चीन बांग्लादेश में हैं। इसके साथ ही ओवैसी ने मोहम्मद यूनुस से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। कहा कि ये घटनाएं बांग्लादेश के संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ हैं और भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत रखने के लिए भारत सरकार के कदमों का समर्थन किया।
घटनाओं का विवरण
बांग्लादेश में हाल ही में दो अलग-अलग मामलों में हिंदू युवकों की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। पहले दीपू चंद्र दास की मयमेनसिंह जिले में हत्या हुई। आरोप था कि उन्होंने फेसबुक पर पैगंबर के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। भीड़ ने उन्हें पीटा और फिर जला दिया। कुछ दिनों बाद राजबाड़ी जिले के पांगशा उपजिला में अमृत मंडल की हत्या हुई। यहां आरोप था कि उन्होंने एक्सटॉर्शन की कोशिश की। दोनों घटनाओं से हिंदू समुदाय में काफी गुस्सा फैला है। ये मामले बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
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ओवैसी का बयान
ओवैसी ने कहा, “हमारी पार्टी दीपू चंद्र दास और अमृत मंडल के साथ हुई घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा करती है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि मोहम्मद यूनुस यह सुनिश्चित करेंगे कि बांग्लादेश में रहने वाले सभी अल्पसंख्यकों की रक्षा हो। ओवैसी ने याद दिलाया कि बांग्लादेश धर्मनिरपेक्ष बंगाली राष्ट्रवाद पर बना था और वहां करीब 2 करोड़ गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यक रहते हैं। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं बांग्लादेश के संवैधानिक जनादेश के खिलाफ हैं। साथ ही भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव न बढ़े, इसकी कामना की। ओवैसी ने चेताया कि बांग्लादेश में ISI, चीन जैसी भारत-विरोधी ताकतें सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में स्थिरता भारत की सुरक्षा, खासकर पूर्वोत्तर के लिए बहुत जरूरी है। फरवरी में होने वाले चुनाव से संबंध बेहतर होने की उम्मीद जताई।

















