इंदौर नगर निगम की बजट बैठक के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गीत को लेकर एक विवाद खड़ा हो गया। यह पूरा मामला 8 अप्रैल को हुई नगर निगम की बैठक से जुड़ा है। बैठक के दौरान दो महिला कांग्रेस पार्षदों, फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल खान, ने ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वे अपने धार्मिक विश्वासों के कारण यह गीत नहीं गा सकतीं। उनके इस फैसले के बाद सदन में मौजूद अन्य सदस्यों के बीच असहमति और बहस शुरू हो गई। धीरे-धीरे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
कुछ लोगों ने इसे गलत बताया और इसकी शिकायत पुलिस में कर दी। शिकायत मिलने के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इसे गंभीर मामला मानते हुए संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों पार्षदों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया। उनसे अलग-अलग दिन लंबी पूछताछ की गई और उनके बयान दर्ज किए गए। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एक पार्षद ने बाद में अपने व्यवहार पर खेद जताया, लेकिन इसके बावजूद कानूनी प्रक्रिया जारी रखी गई।
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कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे राष्ट्रीय प्रतीकों और सदन की गरिमा से जोड़कर देख रहे हैं। इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच भी अलग-अलग राय देखने को मिल रही है। कई नेताओं ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं, जिससे विवाद और बढ़ गया है। नगर निगम के अंदर भी इस घटना का असर देखा जा रहा है और सदन की कार्यवाही और अनुशासन पर सवाल उठने लगे हैं। कई पार्षदों का मानना है कि ऐसे मामलों से सदन का माहौल खराब होता है और भविष्य में इसके लिए स्पष्ट नियम होने चाहिए, ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न बने। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।

















