तिरुपति, (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति में शुक्रवार को भारतीय विज्ञान सम्मेलन के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने उद्बोधन में कहा कि भारत का आगे बढ़ना तय है, लेकिन हमें सिर्फ सुपरपावर ही नहीं, बल्कि विश्वगुरु भी बनना चाहिए। धर्म और विज्ञान में कोई टकराव नहीं है। बस उनके रास्ते अलग हैं, मंजिल एक ही है।
डॉ भागवत ने कहा कि विज्ञान और धर्म या अध्यात्म, इसमें कोई झगड़ा नहीं है। रास्ते अलग-अलग हैं, लेकिन गंतव्य तो एक ही है – जानना। सत्य को जानने वाली बात है। हर किसी को अपना फर्ज खुद तय करके आगे बढ़ना चाहिए। स्वामी विवेकानंद जैसे लोगों ने सिखाया कि अगर आप सही रास्ते पर चलें तो कुछ भी मुमकिन है। अगर रास्ता सही है, तो आप मंजिल तक जरूर पहुंच सकते हैं। सरसंघचालक जी ने कहा कि धर्म और विज्ञान में कोई टकराव नहीं है। बस उनके रास्ते अलग हैं, मंजिल एक ही है। हमारे विकास की सोच का आधार धर्म है। धर्म सिर्फ मजहब नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और ब्रह्मांड के चलने का तरीका है।
विज्ञान और धर्म या अध्यात्म, इसमें कोई झगड़ा नहीं है। रास्ते अलग-अलग हैं, लेकिन गंतव्य तो एक ही है – जानना। सत्य को जानने वाली बात है। pic.twitter.com/SdBhNqXccZ
— VSK BHARAT (@editorvskbharat) December 26, 2025
सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत एक दशक से स्टार्टअप में अपनी जगह बना रहा है। हम स्पेस इकॉनमी में आठवें नंबर पर पहुंच गए हैं। आईटी और टेलीकॉम सेक्टर में इन्वेस्टमेंट को आसान बनाया गया है। हम ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 81वें नंबर से 38वें नंबर पर पहुंच गए हैं। भारत ने चांद पर एक्सपेरिमेंट में बड़ी कामयाबी हासिल की है। अब दुनिया में हमारी ब्रह्मोस मिसाइलों की बहुत डिमांड है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत वह देश है जिसने दुनिया में सबसे ज़्यादा कोविड वैक्सीन निर्यात की है। मोदी जी के कार्यकाल में साइंस और टेक्नोलॉजी सेक्टर का बजट बढ़ा है। हम स्पेस सेक्टर में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को भी बढ़ावा दे रहे हैं। जरूरी मिनरल्स के मामले में भी प्राइवेट कंपनियों को इजाज़त दे रहे हैं।
डॉ भागवत ने वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन किए
सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने शुक्रवार को तिरुपति में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन भी किए। यहां तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अधिकारियों और मंदिर के पुजारियों ने उनका स्वागत किया। दर्शन के बाद मंदिर के पुजारियों ने रंगनायका मंडपम में डॉ भागवत को रेशमी वस्त्र भेंट कर उन्हें सम्मानित किया गया और भगवान का प्रसाद प्रदान किया।

















