यूं ही कोई अटल नहीं बन जाता : जानिए क्यों अमर हैं अटल? क्यों उनके जाने से देश रोया...
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यूं ही कोई अटल नहीं बन जाता : जानिए क्यों अमर हैं अटल? क्यों उनके जाने से देश रोया…

अटल बिहारी वाजपेयी केवल नेता नहीं, भारतीय चेतना थे। उनके न होने से देश क्या खो बैठा? जानिए अटल स्मृति, प्रेरणा और राष्ट्र निर्माण की कहानी।

Written byShivam DixitShivam Dixit
Dec 21, 2025, 05:35 pm IST
inभारत, विश्लेषण

क्या है अटल बिहारी वाजपेयी होने का अर्थ..? और उनके न होने से देश को क्या फर्क पड़ता है..? वर्ष 2018 में लंबे समय से निश्चेष्ट अटलजी कुछ भी तो नहीं कर रहे थे, फिर भी उनके जाने पर करोड़ों दिल क्यों टूटे..? आज भी उनकी स्मृति में आंखें क्यों नम हो जाती हैं— यही प्रश्न है, यही उत्तर खोजने की जरूरत है।

जनमानस में बसे अटल जी

अटल बिहारी वाजपेयी किसी एक पद, किसी एक कार्यकाल या किसी एक राजनीतिक भूमिका तक सीमित नहीं थे। वे जनमानस की स्मृतियों में रचे-बसे थे। वे उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों के निर्माता थे। उन्होंने पोकरण-2 परमाणु परीक्षण कर भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई।

विकास और राष्ट्रनिर्माण का स्वप्न

अटलजी वह प्रधानमंत्री थे जिन्होंने चंद्रयान-1 को मंजूरी दी। राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना, स्वर्ण चतुर्भुज योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, सागरमाला परियोजना और दिल्ली मेट्रो जैसी दूरदर्शी योजनाओं से भारत को जोड़ने का काम किया।

डॉ. भूपेन हजारिका सेतु, जम्मू-बारामूला रेल लिंक, चेनाब ब्रिज, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और रक्षा खुफिया एजेंसियों की स्थापना—ये सब अटलजी के दूरगामी दृष्टिकोण के प्रमाण हैं। कारगिल युद्ध के समय देश को विजयी नेतृत्व देना भी उनके संकल्प का परिचायक था।

सियासत में प्रकाश स्तंभ

जब राजनीति संकीर्णता, विभाजन और कटुता की ओर बढ़ती दिखती है, तब अटल बिहारी वाजपेयी के संसद भाषण आज भी मार्गदर्शन करते हैं। वे सियासत के समुद्र में एक अविचल प्रकाश स्तंभ थे—जहां मर्यादा, भाषा और विचार का संतुलन था।अटलजी केवल राजनेता नहीं थे, वे एक कालजयी कवि भी थे। उनकी वाणी में सरस्वती विराजमान रहती थी। उनकी कविताओं में राष्ट्रप्रेम, संघर्ष, मानवता और विश्व शांति की गूंज थी। उनका वक्तृत्व आज भी राजनीति के लिए आदर्श है।

संघर्षों से तपे जीवन की कहानी

पं. कृष्णबिहारी वाजपेयी जैसे विद्वान पिता से संस्कार पाकर अटलजी ने लेखन से जीवन यात्रा शुरू की। संघर्ष, असफलता और उतार-चढ़ाव उनके जीवन का हिस्सा रहे, लेकिन उन्होंने कभी मूल्यों से समझौता नहीं किया। विदेश मंत्री के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत की कूटनीतिक दृढ़ता को विश्व के सामने रखा। इस्रायल, ईरान और चीन जैसे जटिल रिश्तों में संतुलन साधना उनके नेतृत्व की विशेषता थी।

शब्द जो ब्रह्म बन गए

उनकी कविताएं आज भी चेताती हैं—

जो पाया उसमें खो न जाएं,
जो खोया उसका ध्यान करें।

वे शब्द थे—राष्ट्र के, विश्वास के, प्रेम के। कहते हैं शब्द ब्रह्म है। वह शब्द ब्रह्मलीन हो गया, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति आज भी भारतीय चेतना में अमिट है।

अटल स्मृति, अटल प्रेरणा

अटलजी शाश्वत हैं। वे किसी युग तक सीमित नहीं। वे भारतीय राजनीति की आत्मा हैं। उनका न होना शून्य है, लेकिन उनकी स्मृति आज भी करोड़ों हृदयों में जीवित है—यही अटल बिहारी वाजपेयी होने का अर्थ है।

सौजन्य – पाञ्चजन्य आर्काइव्स

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Shivam Dixit
Shivam Dixit
अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार। वर्ष 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत। प्रिंट, TV और डिजिटल मीडिया संस्थानों में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया। भारत की प्रथम SMS समाचार एजेंसी "न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया" (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, डिजिटल मीडिया के अनोखे प्रोजेक्ट "इंडियाज़ पेपर" का नेतृत्व करते हुए 500 समाचार वेबसाइटों का प्रबंधन किया। भारत के अलग अलग राज्यों के लगभग 1000 स्थानीय पत्रकारों से जुड़ा यह प्रोजेक्ट "लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स" में दर्ज है। वर्ष 2022 से राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं। शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे- नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं। उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी "अंसार खान" की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। [Read more]
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