नई दिल्ली । राष्ट्रपति भवन में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक बदलाव देखने को मिला है। अब वहां ब्रिटिश औपनिवेशिक काल के अधिकारियों की तस्वीरें नहीं दिखेंगी। वर्षों तक जिन गलियारों में अंग्रेज अफसरों के चित्र लगे रहे, वहां से अब गुलामी की यादों को पूरी तरह हटा दिया गया है।
अब दिखेंगे भारत के 21 परमवीर चक्र विजेता
राष्ट्रपति भवन में अब भारत के 21 परमवीर चक्र विजेताओं की तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। यह निर्णय देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों को समर्पित है। यह बदलाव केवल तस्वीरों का नहीं, बल्कि सोच और आत्मसम्मान का प्रतीक माना जा रहा है।
परम वीर दीर्घा में बदला इतिहास का स्वरूप
जिन गलियारों में कभी ब्रिटिश सहायक अधिकारियों के चित्र लगे थे, आज वही स्थान परम वीर दीर्घा के रूप में पहचाना जा रहा है। यह दीर्घा उन वीर सैनिकों को समर्पित है, जिन्होंने भारत की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
औपनिवेशिक चिन्हों से मुक्ति की दिशा में बड़ा कदम
इस पहल के माध्यम से औपनिवेशिक मानसिकता और उसके प्रतीकों को हटाने की दिशा में एक मजबूत संदेश दिया गया है। राष्ट्रपति भवन जैसे सर्वोच्च संवैधानिक परिसर में अब भारत अपने सैनिक शौर्य और बलिदान को प्राथमिकता देता हुआ दिखाई देता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भावुक प्रतिक्रिया
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भावनात्मक शब्दों में देश के वीरों को नमन किया। उन्होंने लिखा— हे भारत के परमवीर… है नमन तुम्हें हे प्रखर वीर! ये राष्ट्र कृतज्ञ बलिदानों पर… भारत मां के सम्मानों पर!
राष्ट्र रक्षकों को भावभीनी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति भवन की परमवीर दीर्घा में लगे ये चित्र देश के उन अदम्य वीरों को भावभीनी श्रद्धांजलि हैं, जिन्होंने अपने सर्वोच्च बलिदान से मातृभूमि की रक्षा की। यह दीर्घा आने वाली पीढ़ियों को त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देगी।
हे भारत के परमवीर…
है नमन तुम्हें हे प्रखर वीर !ये राष्ट्र कृतज्ञ बलिदानों पर…
भारत मां के सम्मानों पर !राष्ट्रपति भवन की परमवीर दीर्घा में देश के अदम्य वीरों के ये चित्र हमारे राष्ट्र रक्षकों को भावभीनी श्रद्धांजलि हैं। जिन वीरों ने अपने सर्वोच्च बलिदान से मातृभूमि की… pic.twitter.com/cqrigQbSSe
— Narendra Modi (@narendramodi) December 17, 2025
परिजनों की गरिमामयी उपस्थिति ने बनाया क्षण विशेष
इस दीर्घा को राष्ट्र को समर्पित करने का क्षण उस समय और भी विशेष हो गया, जब दो परमवीर चक्र विजेताओं और अन्य विजेताओं के परिवारजन गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे। बता दें कि यह केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि देश की ओर से अपने परमवीरों के प्रति कृतज्ञता का जीवंत प्रतीक बन गई है।

















