बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े हिजाब विवाद ने अब अंतरराष्ट्रीय मोड़ ले लिया है। इस मामले में पाकिस्तान का कुख्यात डॉन शहजाद भट्टी भी कूद पड़ा है। उसने एक वीडियो जारी कर सीएम नीतीश कुमार को खुलेआम धमकी दी है कि वे माफी मांगें, नहीं तो आगे परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।
क्या है नितीश का हिजाब विवाद
दरअसल यह विवाद सोमवार को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। मुख्यमंत्री सचिवालय संवाद भवन में एक हजार से अधिक आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे थे। इसी दौरान नवनियुक्त आयुष चिकित्सक नुसरत परवीन जब मंच पर पहुंचीं, तो वह चेहरे पर हिजाब पहने हुई थीं।
नियुक्ति पत्र देते समय हुआ घटनाक्रम
इस दौरान जब नुसरत परवीन की बारी आई, तो 75 वर्षीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फोटो और पहचान के लिए उनका हिजाब हटा दिया, जिसके बाद वहां मौजूद एक सरकारी अधिकारी ने नुसरत परवीन को नियुक्ति पत्र लेने के बाद मंच से एक ओर कर दिया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी की धमकी
इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने एक वीडियो जारी किया। उसने कहा कि पूरी दुनिया ने देखा है कि बिहार में एक मुस्लिम महिला के साथ कैसा व्यवहार किया गया। उसने दावा किया कि इतने बड़े पद पर बैठे व्यक्ति को ऐसा व्यवहार शोभा नहीं देता।
माफी नहीं तो कार्रवाई की चेतावनी
शहजाद भट्टी ने वीडियो में कहा कि सीएम नीतीश कुमार के पास अभी भी समय है कि वे उस महिला और उस बच्ची से माफी मांग लें। उसने धमकी भरे लहजे में कहा कि अगर आज माफी नहीं मांगी गई, तो जिम्मेदार संस्थानों को कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही उसने यह भी कहा कि बाद में यह न कहा जाए कि चेतावनी नहीं दी गई थी।
कौन है शहजाद भट्टी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शहजाद भट्टी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का रहने वाला है। उसे भारत विरोधी गतिविधियों और आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हुआ बताया जाता है। सोशल मीडिया पर वह खुद को इस्लाम और पाकिस्तान का सिपाही बताता है और अक्सर भारत के खिलाफ जहर उगलता रहता है।
सोशल मीडिया पर बढ़ा विवाद
हिजाब विवाद और पाकिस्तानी डॉन की धमकी के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर और भड़क गया है। लोग विदेशी अपराधी द्वारा भारत के एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को धमकी देने पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
बता दें कि यह पूरा घटनाक्रम न केवल राजनीतिक विवाद बन गया है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी हस्तक्षेप जैसे मुद्दों को भी सामने ले आया है।

















