पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक परिवार ने आरोप लगाया है कि हाल ही में उनके द्वारा खरीदे गए प्लॉट के बदले स्थानीय टीएमसी नेताओं ने उनसे प्रोटेक्शन मनी या टोल की मांग की।
13 वर्षीय नाबालिग को बनाया निशाना
परिवार का कहना है कि जब उन्होंने इस अवैध उगाही से इनकार किया, तो आरोपियों ने बदले की कार्रवाई शुरू कर दी। आरोप है कि उनकी 13 साल की नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म की कोशिश की गई और प्रयास विफल होने पर उस पर जानलेवा हमला किया गया।
पीड़िता की हालत गंभीर, अस्पताल में भर्ती
घटना के दौरान बच्ची पर लोहे की रॉड से हमला किया गया, जिससे उसके सिर और सीने पर गंभीर चोटें आईं। फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती है और जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। पीड़िता एक आर्मी ऑफिसर के परिवार से बताई जा रही है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
इस मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस गंभीर घटना की जानकारी साझा की।
मेरे पास शिकायत आई है कि पश्चिम बंगाल के हावड़ा में एक परिवार से कथित तौर पर लोकल TMC नेताओं द्वारा उनके इलाके में प्लॉट ख़रीदने पर “प्रोटेक्शन मनी/टोल” मांगी गई।
इंकार करने पर परिवार की 13 वर्षीय बच्ची से बलात्कार की कोशिश हुई और विफल होने पर उस पर प्राणघातक हमला किया गया,… pic.twitter.com/gOpcNQOgcd— प्रियंक कानूनगो Priyank Kanoongo (@KanoongoPriyank) December 17, 2025
टीएमसी विधायक पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप
प्रियंक कानूनगो के अनुसार, परिजनों ने टीएमसी विधायक समीर पांजा पर आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया है। परिवार का दावा है कि स्थानीय पुलिस ने भी मामले में कोई सक्रिय भूमिका नहीं निभाई।
बच्ची की मां से मारपीट
मानवाधिकार आयोग के अनुसार, 9 दिसंबर की रात आरोपियों ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर बच्ची की मां को गालियां दीं, उनके साथ शारीरिक हिंसा की और घर के बाहर ही बच्ची से दोबारा दुष्कर्म का प्रयास किया।
एनएचआरसी ने कहा है कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथमदृष्टया मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन को दर्शाते हैं। आयोग ने मामले को अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
हावड़ा पुलिस कमिश्नर को जांच के आदेश
प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली आयोग की पीठ ने हावड़ा पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि मामले की विस्तृत जांच कराई जाए और दो सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत की जाए।
परिवार ने गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग की
पीड़ित परिवार ने आयोग से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और अपनी सुरक्षा की मांग की है। आयोग ने पुलिस से रिपोर्ट के साथ शिकायत की प्रति संलग्न करने और उसकी एक कॉपी एनएचआरसी के ईमेल पर भेजने के भी निर्देश दिए हैं।

















