दिल्ली यूनिवर्सिटी में हाल ही में हुए प्रदर्शन के दौरान पत्रकार रुचि तिवारी पर हमला हुआ। यह हमला उस समय हुआ जब कुछ लोग विश्वविद्यालय में लागू होने वाले नए यूजीसी नियमों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। यह घटना इतनी गंभीर थी कि सभी का ध्यान इसकी ओर आकर्षित हुआ। इसे किसी भी हल्के मामले की तरह नहीं लिया जा रहा है।
हमले के तुरंत बाद मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियंक कानूनगो को इसकी जानकारी मिली। उन्होंने स्वतः ही मामले का संज्ञान लिया। प्रियंक कानूनगो ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह के उपद्रव और हिंसक व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं का अपमान किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है। यह बयान इस बात को साबित करता है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे किसी भी उम्र या स्थिति के हों।
पुलिस ने इस घटना के बाद एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं कि हमले में कौन-कौन शामिल थे और इस घटना के पीछे क्या कारण था। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।












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