राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के आग्रह पर मध्य प्रदेश सरकार ने हिंदू मछुआरों के तालाब पर अवैध कब्जा करने वाले मुस्लिम रसूखदारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एनएचआरसी सदस्य प्रियंक कानूनगो ने हिंदू मछुआरों की मौजूदा स्थिति जानने के लिए भोपाल हथाईखेड़ा डैम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पाया कि जनजातीय समुदाय एवं हिंदू वंशानुगत मछुआरों के अधिकार वाले तालाब पर मुस्लिम रसूखदारों ने कब्जा कर रखा है। उन्होंने आनंद नगर में मछली पालन सहकारी संस्था के बाहर समिति के सदस्यों से हिंदू मछुआरों के अधिकारों को लेकर उनसे बातचीत की और उनकी समस्याओं को जाना। बातचीत के दौरान कानूनगो ने कहा कि वंशानुगत मछुआरों की परिभाषा में मुस्लिम नहीं आते।
हिंदू वंशानुगत मछुआरों के तालाब पर मुस्लिमों का कब्जा
प्रियंक कानूनगो ने रविवार को (28 दिसंबर) सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी साझा किया। उन्होंने फेसबुक और एक्स पर वीडियो के साथ लिखा, “जिस तालाब की सालाना आय औसत उत्पादन के हिसाब से 5 करोड़ रुपये से अधिक होनी चाहिए, उस तालाब के मालिक समिति के सदस्य और शेयर होल्डर्स ने फटे हुए कपड़े पहने थे।”
उन्होंने आगे लिखा, “अनुसूचित जाति, जनजाति एवं हिंदू वंशानुगत मछुआरों के अधिकार के तालाब पर मुस्लिम रसूखदारों ने कब्जा कर रखा था। आयोग के आग्रह पर राज्य की मोहन यादव सरकार ने कार्रवाई करते हुए समुचित आदेश जारी किया है। तत्पश्चात इनके रोजी-रोटी के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए मौके पर जाकर प्रतीकात्मक रूप से इनके नियंत्रण को पुनर्स्थापित करवाया।”
सरकार के आदेश का उल्लंघन करने वालों पर केस दर्ज हो
समिति के सदस्यों ने कानूनगो को बताया कि नीलू मियां नाम के शख्स का तालाब पर कब्जा है। वह उन्हें यहां नहीं आने देता है। हमें पिछले कई महीनों से परेशान किया जा रहा है। इस पर कानूनगो ने दीवार पर लगाए गए नोटिस को निकालकर पुलिस को देते हुए कहा कि यह सबूत है कि सरकार के आदेश का उल्लंघन करके यहां अनुसूचित जाति के मछुआरों को आने से रोका जा रहा है। इनके ऊपर केस दर्ज किजिए।
वंशानुगत मछुआरों को मछली पालने में दी जाएगी प्राथमिकता
कानूनगो ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार की मत्स्याखेट (मछली पकड़ने) नीति के अनुसार उन सभी लोगों को मछली पालने में प्राथमिकता दी जाएगी, जो लोग वंशानुगत मछुआरे हैं। इस पर पहला हक उनका माना जाएगा जिनके दादा और पिता मछली पालन के जरिए रोजी-रोटी कमाते थे। दूसरा इस पर अनुसूचित जाति, जनजाति का अधिकार होगा। इनके अलावा किसी और का तालाब की मछली पर कोई अधिकार नहीं होगा। अगर किसी ने भी फर्जी तरीके से तालाब पर कब्जा कर रखा है तो उसे आज से नहीं माना जाएगा।
उन्होंने हिंदू मछुआरों से कहा कि अपने देवता की पूजा करो, झंडा लगाओ, नारियल फोड़ो और मछली पकड़ो। पुलिस आपकी हर तरह से मदद करेगी। उन्हें आदेश मिल गया है कि आपको कोई भी तालाब पर आने से नहीं रोक सकता है।

















