अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने इमिग्रेशन पर सख्ती बढ़ाते हुए ट्रैवल बैन को और विस्तार दे दिया है। अब ये बैन 30 से ज्यादा देशों पर लागू हो गया है, जिसमें सीरिया, जिम्बाब्वे और फिलिस्तीन के ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स रखने वाले लोग भी शामिल हैं। ये फैसला हाल में एक अफगान नागरिक की गिरफ्तारी के बाद आया, जो थैंक्सगिविंग के आसपास दो नेशनल गार्ड सैनिकों पर गोली चलाने का आरोपी है। पहले जून में 12 देशों पर पूरा बैन और 7 पर आंशिक पाबंदी लगाई गई थी, अब इसे और बढ़ा दिया गया।
बैन के मुख्य प्रकार
इस नए आदेश में अलग-अलग तरह की पाबंदियां हैं। कुछ देशों पर पूरा बैन है, यानी उनके नागरिक अमेरिका नहीं आ सकते। कुछ पर आंशिक पाबंदी, जहां कुछ कैटेगरी के वीजा ही रोके गए हैं। सरकार का कहना है कि ये देशों में भ्रष्टाचार, फर्जी डॉक्यूमेंट्स, क्रिमिनल रिकॉर्ड्स, वीजा ओवरस्टे की ज्यादा दर और अमेरिका द्वारा डिपोर्ट करने वालों को वापस न लेने जैसी समस्याओं की वजह से किया गया। कई जगहों पर स्थिरता की कमी है, जिससे लोगों की ठीक से जांच करना मुश्किल हो जाता है।
पूरा बैन वाले देश (मौजूदा और नए)
जिन 12 देशों पर पहले से ही पूरा बैन था उनमें अफगानिस्तान, बर्मा (म्यांमार), चाड, रिपब्लिक ऑफ कांगो, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान, यमन शामिल हैं।
नए बैन किए गए देश
बुर्किना फासो, माली, नाइजर, साउथ सूडान, सीरिया और फिलिस्तीन हैं। इसके अलावा जिन दो देशों लाओस, सिएरा लियोन, पर आंशिक प्रतिबंध लगाया गया था, उसे पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही बुरुंडी, क्यूबा, टोगो, वेनेजुएला पर लगा आंशिक बैन अभी भी जारी है।
15 और देशों पर आंशिक पाबंदी लगाई गई:
जिन 15 देशों पर आंशिक पाबंदी लगाई गई है, उनमें अंगोला, एंटीगुआ एंड बारबुडा, बेनिन, कोट डी’आइवर, डोमिनिका, गैबॉन, द गाम्बिया, मलावी, मॉरिटानिया, नाइजीरिया, सेनेगल, तंजानिया, टोंगा, जाम्बिया और जिम्बाब्वे हैं।
कुछ छूट और बदलाव
इस बैन में कुछ अपवाद हैं। जैसे, अमेरिका के परमानेंट रेजिडेंट्स, पहले से वीजा रखने वाले, एथलीट्स, डिप्लोमैट्स या अमेरिकी हितों के लिए जरूरी लोग आ सकते हैं। फैमिली बेस्ड इमिग्रेंट वीजा में फ्रॉड की आशंका वाले हिस्सों को कम किया गया है, लेकिन केस-बाय-केस छूट अभी भी मिल सकती है। तुर्कमेनिस्तान पर नॉन-इमिग्रेंट वीजा का बैन हटा लिया गया, क्योंकि वो अमेरिका के साथ अच्छे से सहयोग कर रहा था। कुल मिलाकर जिन देशों ने अमेरिका के सामने अपने सिर झुकाए या फिर अमीर या ताकतवर हैं, उनके खिलाफ उसने कोई एक्शन नहीं लिया।

















