घर वापसी: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के महादेवगढ़ में मंगलवार को एक अलग ही तरह का मामला देखने को मिला। यहां गुड़ी क्षेत्र की रहने वाली मुस्लिम युवती सानिया ने सनातन धर्म अपनाया और अपने प्रेमी निखिल के साथ वैदिक रीति से विवाह किया। कन्वर्जन के बाद उसका नया नाम ‘सती’ रखा गया। यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है।
सानिया बचपन से इस्लाम मत का पालन करती थी लेकिन कुछ समय से उसका मन सनातन संस्कृति और आध्यात्मिकता की ओर खिंचने लगा। इसी खोज को समझने के लिए उसने एक विशेष यात्रा शुरू की। वह तीन महीने तक बनारस में रही, जहाँ काशी विश्वनाथ मंदिर की आस्था और धार्मिक वातावरण ने उसे गहराई से प्रभावित किया। वहाँ उसने धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन किया और रामायण पढ़ने के बाद उसके विचारों में बड़ा बदलाव आया।
बनारस के बाद वह मथुरा-वृंदावन गई, जहाँ उसने कृष्ण-राधा के प्रेम और उनके आदर्शों को समझा। उसके अनुसार, प्रेम केवल आकर्षण नहीं, बल्कि त्याग, विश्वास और पवित्रता का प्रतीक है। इन सभी अनुभवों से प्रभावित होकर उसने सनातन धर्म अपनाने का निर्णय लिया। धार्मिक अध्ययन पूरा करने के बाद वह महादेवगढ़ पहुंची और संचालक अशोक पालीवाल को अपनी पूरी कहानी बताई। इसके बाद पंडितों की मौजूदगी में मंत्रोच्चार और हवन के साथ उसका विधिवत ‘घर वापसी’ संस्कार किया गया और उसका नाम ‘सती’ रखा गया।
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कन्वर्जन के तुरंत बाद उसने निखिल के साथ विवाह का निर्णय दोहराया। मंदिर परिसर में भगवान शिव को साक्षी मानकर दोनों ने अग्नि के सात फेरे लिए और वरमाला पहनाई। विवाह पूरी तरह वैदिक विधि से सम्पन्न हुआ। मंदिर प्रबंधन ने नवदंपति को रामायण भेंट की। निखिल के परिवार ने सती को खुशी-खुशी स्वीकार किया और दोनों को आशीर्वाद दिया।

















