अर्थव्यस्था : ‘अर्थ’ में उछाल का अर्थ
October 18, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Copy
    • Subscribe & Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Copy
    • Subscribe & Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

अर्थव्यस्था : ‘अर्थ’ में उछाल का अर्थ

भारत की ताजा जीडीपी दर मेंदिखे उछाल ने देशविरोधियों को यह कड़ा संदेश दिया है कि भारत की ‘अर्थव्यवस्था की मृत्यु’ की अफवाहें उड़ाना बंद करके सही तथ्य देखें

Written byवैभव डांगेवैभव डांगे
Dec 10, 2025, 08:08 am IST
inभारत, मत अभिमत

भारत के ताजा तिमाही जीडीपी आंकड़े, जो सरकारी अनुमान 7 प्रतिशत से अधिक हैं, ने एक बार फिर वैश्विक निराशावादियों को विनम्र, लेकिन ठोस संदेश दिया है कि भारत की ‘अर्थव्यवस्था की मृत्यु’ की अफवाहें बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई थीं। विकसित अर्थव्यवस्थाएं जहां मंदी से जूझ रही हैं और उभरते बाजार भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं में फंसे हुए हैं, वहीं भारत ने न केवल अपनी विकास गति को कायम रखा है, बल्कि उसमें नवीन ऊर्जा का संचार भी किया है।

वैभव डांगे
संस्थापक एवं निर्देशक, बिल्ड इंडिया फाउंडेशन

बुनियादी ढांचे पर सरकार का निरंतर ध्यान इस प्रगति के केंद्र में है। हाल के बजटों में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में 30 प्रतिशत से अधिक की वार्षिक वृद्धि की गई है, जिसके स्पष्ट परिणाम धरातल पर दिख रहे हैं। राज्यों को जोड़ने वाले नए हाईवे, आधुनिक हवाईअड्डे, रेलवे का अभूतपूर्व आधुनिकीकरण, बंदरगाहों का विस्तार और समर्पित फ्रेट कॉरिडोर-इन सभी ने निर्माण, लॉजिस्टिक्स तथा सहायक क्षेत्रों में नई जान फूंक दी है।

वैश्विक आपूर्ति शृंखलाएं आजकल एक मूडी किशोर की तरह व्यवहार कर रही हैं-अनिश्चित, अप्रत्याशित और जरा-सी बात पर बाधित होने वाली। ऐसे अस्थिर माहौल में भारत का घरेलू पूंजीगत व्यय चक्र अर्थव्यवस्था के एक समझदार वयस्क की तरह स्थिरता प्रदान कर रहा है।

विनिर्माण क्षेत्र ने इस तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो और फार्मा जैसे प्रमुख क्षेत्रों के बूते विनिर्माण के सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। 2 लाख करोड़ से अधिक की उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं ने कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है और वैश्विक आपूर्ति शृंखला के विविधीकरण से भारत को अनुकूल लाभ मिल रहा है। कारखानों में चहल-पहल अब केवल मंत्री-निरीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि वहां वास्तविक उत्पादन लगातार जारी है। क्षमता उपयोग 74 प्रतिशत से ऊपर है और कमोडिटी (वस्तु) की कीमतों में नरमी ने उद्योगों को काफी राहत दी है।

इतना ही नहीं,जीएसटी सुधारों का प्रभाव भी दिख रहा है। जीएसटी को अर्थव्यवस्था के लिए ‘घातक’ बताने वाले आलोचक अब असहज महसूस कर रहे हैं, क्योंकि आवश्यक और व्यापक उपभोग की वस्तुओं पर जीएसटी दरों में की गई कटौतियों ने महंगाई के दबाव के बावजूद उपभोग को बढ़ावा दिया है। अभी मासिक जीएसटी संग्रह औसतन 1.6-1.7 लाख करोड़ पर स्थिर है। चुनिंदा वस्तुओं पर दरों में कमी ने अनुपालन में वृद्धि, कर-आधार का विस्तार किया है और उपभोक्ता विश्वास को सुधारा है। यानी कम कर स्लैब, अधिक कर संग्रह के समीकरण ने आलोचकों को आश्चर्यचकित किया है।

इस तिमाही के मजबूत जीडीपी आंकड़े वार्षिक वृद्धि दर को और ऊपर ले जाने की क्षमता रखते हैं। उद्योग और सेवा क्षेत्र, दोनों में गतिशीलता बनी हुई है और सरकारी पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे पूरे वर्ष की आर्थिक वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत से 7.2 प्रतिशत के दायरे में रहने का अनुमान है। वैश्विक मानकों के अनुसार, यह प्रदर्शन न केवल अच्छा है, बल्कि असाधारण माना जा सकता है।

अमेरिकी टैरिफ नीतियों के बीच आर्थिक मजबूती भारत के लिए रणनीतिक रूप से भी फायदेमंद है। मजबूत घरेलू अर्थव्यस्था भारत को व्यापार वार्ताओं में आत्मविश्वास देती है। मजबूत विनिर्माण भारत को वैश्विक आपूर्ति शृंखला का भरोसेमंद विकल्प बनाता है, जिसकी प्रशंसा अमेरिका भी करता है। वहीं, सशक्त कर संग्रह यह सुनिश्चित करता है कि भारत टैरिफ में रियायत मांगने वाला कमजोर पक्ष नहीं बनेगा।

जिन आलोचकों ने भारत की अर्थव्यवस्था की ‘शोकसभा’ समय से पहले ही आयोजित कर दी थी, उनके लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि ‘मरी हुई अर्थव्यवस्था’ आखिर कैसे दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था में बदल गई? शायद अर्थव्यवस्था ने उनकी नकारात्मक रिपोर्ट पर ध्यान ही नहीं दिया।

कुल मिलाकर, इस तिमाही की जीडीपी हर केवल विकास नहीं, बल्कि आर्थिक परिपक्वता भी दर्शाती है। इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश ने रीढ़ को मजबूत किया, विनिर्माण वृद्धि ने नई ऊर्जा भरी, जीएसटी सुधारों ने प्रवाह बेहतर किया और भू-राजनीतिक संतुलन ने पूरी व्यवस्था को स्थिर रखा। भारत की अर्थव्यवस्था सिर्फ जीवित नहीं है। यह दौड़ रही है, खिंचाव कर रही है और कभी-कभी तेज दौड़ भी लगा रही है।

Topics: टैरिफ नीतिजीएसटी सुधार आर्थिक मजबूतीजीडीपी दरजीडीपी के आँकड़ेवैश्विक निराशावादीवैश्विक स्तर पर भारत के विकासविकासशील अर्थव्यवस्थाएँअर्थव्यवस्थाभू-राजनीतिकरेलवेबुनियादी ढाँचापाञ्चजन्य विशेषविनिर्माण का नेटवर्कविकसित अर्थव्यवस्थाविनिर्माण क्षेत्रअंतरराष्ट्रीय व्यापारआर्थिक उत्पादन
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

जल : संसाधन से संस्कार तक

वीर सावरकर

बहुआयामी वीर सावरकर : राष्ट्रध्वज के स्वप्नद्रष्टा!

एक शरिया अदालत

निजी संस्था न्यायालय नहीं

:केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की उपस्थिति में 24 सितंबर 2026 को 9वें भारत अंतरराष्ट्रीय जल सप्ताह 2026 के दौरान भारत और नीदरलैंड के बीच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ  

जल की हर बूंद में भारत का भविष्य

भारत की पहली एलएनजी-डीजल द्वि-ईंधन डीईएमयू ट्रेन उद्घाटन यात्रा में साबरमती से मेहसाणा जंक्शन तक चली।

पटरी पर ऊर्जा परिवर्तन की नई रफ्तार

एशियाई खेल : सपनों से स्वर्णिम शिखर तक

Load More

ताज़ा समाचार

Kolkata Durga Puja Stampade

कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़: 12 लोग हिरासत में लिए गए, जांच के लिए एसआईटी गठित

ग्वालियर में भीषण सड़क हादसा: मंदिर के पास ट्रक चढ़ा, 12 भक्त मारे गए

West Bengal Durga Puja Pandal

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से मृतकों की संख्या 19 हुई, 25 घायल

Yaman joins Saudi arabia

यूएई फिर से यमन युद्ध में शामिल, सऊदी के साथ हुआ बड़ा समझौता; हूती खतरे से चिंतित खाड़ी देश

France protest Violence

फ्रांस में वामपंथी हिंसा की आग: हाई स्कूल प्रदर्शनों से शुरू होकर देशभर में दंगे, 1200 गिरफ्तार

आज का श्लोक : जीवन के उतार-चढ़ाव में मानसिक संतुलन बनाए रखने की सीख

घायलों को ले जाती एंबुलेंस

कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, 17 की मौत, पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख

केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पी विजयन

केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री विजयन, बेटी और दामाद रियास पर गहराते संकट के बादल

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

विकसित उत्तराखंड की यात्रा में प्रदेश के युवाओं, उद्यमियों महत्वपूर्ण भूमिका : सीएम धामी

प्रतीकात्मक चित्र

मुजफ्फरनगर में पुजारी की हत्या का मामला सुलझा, हासिम और जीशान गिरफ्तार

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies