संघ यात्रा के 100 वर्ष : उत्तराखंड में बोले सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले- 'हिंदुत्व है भारत की पहचान और आत्मा'
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संघ यात्रा के 100 वर्ष : उत्तराखंड में बोले सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले- ‘हिंदुत्व है भारत की पहचान और आत्मा’

आरएसएस सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने उत्तराखंड में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा और हिंदुत्व को भारत की पहचान बताते हुए समाज में व्यक्ति निर्माण और सेवा के प्रयासों पर प्रकाश डाला

Written byउत्तराखंड ब्यूरोउत्तराखंड ब्यूरो — edited by Shivam Dixit
Dec 9, 2025, 07:01 pm IST
in भारत, उत्तराखंड

उधम सिंह नगर । हिंदुत्व भारत की पहचान है और यह केवल धार्मिक पहचान नहीं, भौतिक पहचान भी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हिंदुत्व ही भारत की पहचान के मंत्र को आधार मानकर ही संघ को आगे बढ़ाया है और यही संघ की 100 वर्षों की यात्रा का स्रोत है।

संघ की 100 वर्षों की यात्रा पर सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले जी का विचार

ये बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने 100 वर्ष की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यात्रा के विषय पर जेसीज पब्लिक स्कूल सभागार में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में कही। इससे पूर्व उनके द्वारा दीप प्रज्वलित कर संघ गोष्ठी का शुभारंभ किया गया।

स्वतंत्रता आंदोलन में डॉक्टर केशव राव बलिराम हेडगेवार का योगदान

प्रमुख जन गोष्ठी को संबोधित करते हुए सरकार्यवाह जी ने कहा कि संघ के संस्थापक डॉक्टर केशव राव बलिराम हेडगेवार जी ने स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया और बहुत से क्रांतिकारियों का सहयोग भी किया, किंतु उनके मन में यह विचार हमेशा चलता रहा कि भारत एक प्राचीन राष्ट्र है और हमेशा से ही भौतिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में उन्नति करता रहा। यहाँ किसी चीज का अभाव न था, फिर भी वह कौन सा कारण था कि हम बार-बार प्रभावित होते थे और हमारे समाज में मानसिक एवं बौद्धिक गुलामी का स्वभाव उत्पन्न हो गया है।

1925 में संघ की स्थापना और उद्देश्य

उन्होंने कहा कि एक कालखंड ऐसा रहा जब हमारे समाज के लोग केवल व्यक्तिगत हित के बारे में विचार करते थे, समाज नहीं। यही विचार कर डॉक्टर केशव राव बलिराम हेडगेवार जी ने 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की और संकल्प लिया कि हिंदू समाज की शक्ति को संघ की शाखा के माध्यम से संगठित करके इस मानसिकता को बदलेंगे। उन्होंने एक ऐसा तंत्र शाखा के रूप में समाज को दिया जिससे संघ ने व्यक्ति निर्माण का कार्य प्रारंभ किया।

संघ का व्यक्ति निर्माण और समाज सेवा कार्य

सरकार्यवाह जी ने कहा कि संघ केवल व्यक्ति निर्माण का कार्य करेगा और स्वयंसेवक समाज के हर क्षेत्र में कार्य करेंगे। संघ के स्वयंसेवकों ने समाज में विभिन्न क्षेत्रों में बहुत से संगठनों का निर्माण कार्य किया। आज संघ के माध्यम से देश में लगभग 1 लाख से ज्यादा सेवा प्रकल्प के कार्य चल रहे हैं। संघ जो भी कर रहा है समाज के सहयोग से ही कर रहा है और समाज में जिस व्यक्ति का राष्ट्र भाव जागृत होता है, वो संघ के सेवा कार्य से जुड़ जाता है।

पाँच परिवर्तन सूत्र और समाज जागरूकता

सरकार्यवाह जी ने संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर समाज में पञ्च परिवर्तन सूत्र—समरसता, नागरिक कर्तव्य, स्व का बोध, कुटुंब प्रबोधन और पर्यावरण के कार्यों को ले जाने का आग्रह किया और विस्तार से इसकी जानकारी देते हुए कहा कि हमने कोई सेलिब्रेशन या जुबली कार्यक्रम नहीं करने थे। संघ हमेशा समाज को जाग्रत करने का काम करता आया है और समाज में राष्ट्र प्रथम की भावना के लिए प्रेरित कर रहा है।

भारत के समाज को श्रेष्ठ बनाने के प्रयास

उन्होंने कहा कि भारत के समाज को श्रेष्ठ समाज बनाने के लिए संघ अपना प्रयास जारी रख रहा है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता को अपने स्वभाव में लाने पर जोर दिया, साथ ही परिवार के महत्व पर विस्तार से जानकारी देते हुए इसे भारत के लिए जरूरी बताया। हमारा भारत तभी सुरक्षित रहा क्योंकि हमारे परिवार सुरक्षित रहे, आर्थिक रूप से भी मजबूत रहा, किसान के पुत्र ने किसानी की, बुनकर के पुत्र बुनकर बने और ये परम्परा आज भी चल रही है। उन्होंने कहा—यही स्वदेशी का भाव है।

भ्रष्टाचार और नक्सलवाद पर सरकार्यवाह का दृष्टिकोण

प्रश्न उत्तर सत्र में सरकार्यवाह होसबाले जी ने स्वीकार किया कि समाज में भ्रष्टाचार है, किंतु उसको दूर करने में समय लग रहा है। बहुत से कानून खत्म किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बदल जाती है लेकिन नौकरशाही की सरकार नहीं बदलती, उस सिस्टम को बदले जाने की जरूरत है। उन्होंने इस बात पर जोर देकर कहा कि ऊपर स्तर पर भ्रष्टाचार पिछले सालों में नहीं हुआ है।

अर्बन नक्सलवाद और वामपंथी विचारधारा

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद ख़त्म हो रहा है, किंतु अर्बन नक्सलवाद अभी भी अपने इको सिस्टम से नेरेटिव फैलाने में लगा हुआ है और उनकी जड़े शैक्षिक संस्थाओं में और अन्य संस्थाओं में तक हैं। ये वामपंथी माओवादी विचारधारा देश में नकारात्मकता पैदा करती है।

समाज के लिए आगे आने की आवश्यकता

उन्होंने कहा कि समाज के लिए अच्छे काम करने के लिए लोगों को आगे आना चाहिए। इससे समाज को प्रगति मिलती है। संघ ने ऐसे लोगों को संघ के लिए काम करने वाला बताते हुए कहा कि संघ के कार्यकर्ता इसमें मदद करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत बदलेगा, ऐसा वातावरण बनेगा, ऐसा उन्हें विश्वास है।

कार्यक्रम का समापन और धन्यवाद

कार्यक्रम में मंच पर डॉ बहादुर सिंह बिष्ट, प्रांत संघचालक ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न संगठनों के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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