भुवनेश्वर: सेवा और समर्पण की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवक पुरी में आयोजित महाप्रभु जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा के दौरान व्यापक सेवा कार्यों में सक्रिय रूप से जुटे रहे। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच स्वयंसेवकों ने मानव श्रृंखला बनाकर एंबुलेंस के सुचारू आवागमन को सुनिश्चित किया, जिससे अस्वस्थ हुए श्रद्धालुओं को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सका। स्वयंसेवकों के अनुशासन और समर्पण की सर्वत्र सराहना की जा रही है।
नौ प्रकार की सेवा गतिविधियों का शुभारंभ
विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा के अवसर पर उत्कल विपन्न सहायता समिति ने आरएसएस के समन्वय से हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नौ प्रकार की सेवा गतिविधियों का आयोजन किया। रथयात्रा के दिन समिति के प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पर इन सेवाओं का विधिवत उद्घाटन किया गया, जिसमें विभिन्न सेवा कार्यों में लगे स्वयंसेवक उपस्थित रहे। इस अवसर पर आरएसएस ओडिशा पूर्व प्रांत के प्रांत संघचालक समीर कुमार महांती, क्षेत्र सेवा प्रमुख दीपक कुमार राउत तथा समिति के सचिव वी. कृष्ण गोपाल ने दीप प्रज्वलित कर सेवा कार्यों का शुभारंभ किया।

समग्र चिकित्सा एवं आपातकालीन सहायता
स्वयंसेवकों ने अनुशासित और व्यवस्थित तरीके से अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उन्होंने घायल और बेहोश श्रद्धालुओं को तुरंत अस्पताल पहुंचाने में सहायता की। भीड़ के बीच मानव श्रृंखला बनाकर एंबुलेंस कॉरिडोर तैयार किया गया, जिससे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं शीघ्रता से उपलब्ध कराई जा सकें। बड़दांडा पर अस्वस्थ हुए श्रद्धालुओं को स्ट्रेचर के माध्यम से एंबुलेंस तक पहुंचाकर बिना विलंब अस्पताल भेजा गया। अस्पतालों में भी स्वयंसेवकों ने डॉक्टरों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहयोग प्रदान किया।
स्वयंसेवकों की व्यापक तैनाती
इस वर्ष ओडिशा के सभी 30 जिलों से 1,800 से अधिक स्वयंसेवकों ने सेवा कार्यों में भाग लिया। विभिन्न कार्यों के सुचारू संचालन हेतु इनकी तैनाती सुव्यवस्थित ढंग से की गई। एंबुलेंस सेवा के लिए दो पालियों में स्वयंसेवक तैनात रहे, जबकि जल वितरण और जल छिड़काव के लिए अलग-अलग टीमें निर्धारित स्थानों पर कार्यरत रहीं। स्ट्रेचर सेवा और अस्पताल समन्वय के लिए विशेष दल नियुक्त किए गए, जिससे मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। बड़दांडा की स्वच्छता बनाए रखने के लिए भी अलग से टीम कार्यरत रही, वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों, फार्मासिस्टों और सहयोगी कर्मचारियों की टीम निरंतर सेवा में लगी रही।
रथ मार्ग से मेडिकल चौक तक एंबुलेंस के निर्बाध आवागमन के लिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों को तैनात किया गया, जिससे आपातकालीन वाहनों को सुगमता से मार्ग मिल सके। प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं रथयात्रा से लेकर बाहुड़ा यात्रा तक लगातार जारी रहेंगी।
हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं की सहभागिता
आरएसएस स्वयंसेवकों के साथ-साथ हिंदू जागरण मंच के 500 से अधिक कार्यकर्ता भी सेवा कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल हुए। इस दौरान राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री देवेंद्र जी, ओडिशा प्रांत संगठन मंत्री तनमय दाश, प्रांत संयोजक रघुनाथ बारिक, सह-संयोजक आशीष बी. छोटराय तथा कार्यकारिणी सदस्य सुब्रत ढल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे और सेवा कार्यों में योगदान दिया। विभिन्न संगठनों के स्वयंसेवकों की व्यापक भागीदारी ने रथयात्रा के मूल भाव ‘सेवा’ को साकार किया। उनके समन्वित प्रयास, अनुशासन और समर्पण के कारण यह भव्य उत्सव सुचारू रूप से संपन्न हुआ और लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित एवं सहयोगपूर्ण वातावरण सुनिश्चित हो सका।

















