अफज़ल से लेकर हिडमा तक : वामपंथियों का सीक्रेट ब्रेनवॉश मिशन, जानिए पर्दे के पीछे ‘लाल गैंग’ की खतरनाक प्लानिंग
July 23, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

अफज़ल से लेकर हिडमा तक : वामपंथियों का सीक्रेट ब्रेनवॉश मिशन, जानिए पर्दे के पीछे ‘लाल गैंग’ की खतरनाक प्लानिंग

दिल्ली प्रदूषण के बीच छात्रों द्वारा “हर घर से हिडमा निकलेगा” जैसे नारे क्यों लगे? युवा किसके बहकावे में हैं और इस वामपंथी इकोसिस्टम को फायदा किसका?

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा — edited by Shivam Dixit
Nov 26, 2025, 10:10 pm IST
in भारत, मत अभिमत

एक बार फिर युवा सड़कों पर हैं और एक बार फिर नारे लग रहे हैं। पहले ये नारे “हर घर से अफजल निकलेगा” के रूप में लग चुके हैं तो अभी ये नारे “हर घर से हिडमा निकलेगा” के लग रहे हैं। पुलिस की प्रतिक्रिया भी वही है, जो होनी चाहिए अर्थात इन प्रदर्शनकारियों को पकड़ने की। मगर प्रश्न यह उठता है कि आखिर ये नारे लगाने वाले लोग कौन हैं? कौन हैं ये युवा जो वांछित और कुख्यात नक्सली का नाम लेकर नारा लगा रहे हैं और क्या इन्हें हिडमा के विषय में कुछ पता भी है? और यह भी प्रश्न उठता है कि उनके दिमाग में यह सब कौन भरता है?

जहर की खेती कहां से हो रही है?

आखिर जहर की यह खेती कहां से हो रही है और कौन कर रहा है और इसके साथ ही यह भी प्रश्न कि इसकी फसल कौन काट रहा है? कौन है वे लोग जिन्हें इस प्रकार से छात्रों के आंदोलन से लाभ होता है? इस संबंध में कांग्रेस के युवराज का एक वाक्य याद आता है, जो उन्होनें वोट चोरी को लेकर कहा था कि जेन जेड वोट चोरी को लेकर संघर्ष करेगी तो वे उसका साथ देंगे। अर्थात कांग्रेस चाहती है कि वह सड़क पर उतरे युवाओं का साथ दे, मगर मुद्दों पर साथ देना होगा या फिर सरकार के खिलाफ? क्योंकि ये दोनों ही मामले अलग-अलग हैं। इन दिनों देश के कुछ हिस्सों में कई मामलों को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं, जैसे कि दिल्ली में स्वच्छ हवा को लेकर, देसी श्वान को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के विरोध में, और ऐसे ही कई और अन्य मामलों पर।

स्वच्छ हवा के नाम पर आंदोलन और असल सवाल

स्वच्छ हवा सभी का अधिकार होता है और जब तक हवा स्वच्छ नहीं होगी, तब तक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हल भी नहीं निकलेगा। प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है। परंतु यह भी ध्यान रखना चाहिए प्रदर्शनकारियों को कि आखिर प्रदूषण का कारण क्या है? क्या महज प्रदर्शन करने से प्रदूषण कम हो जाएगा? क्या नारे लगाने से प्रदूषण समाप्त हो जाएगा? क्या दिल्ली सहित पूरे भारत की आबोहवा केवल “स्वच्छ हवा सबका अधिकार” जैसे नारों से साफ हो जाएगी? नहीं! जाहिर है कि ऐसा नहीं होगा।

हिडमा के समर्थन में लगे नारे — क्या युवाओं को सच पता है?

और जब यह प्रदर्शन हो रहे थे तो उसमें मारे गए दुर्दांत नक्सली “हिडमा” के समर्थन में नारे क्यों लगाए गए? क्या इन युवाओं को यह पता भी होगा कि “हिडमा” कौन है? और हिडमा ने आखिर क्या क्या कुकृत्य किए थे, क्या इन युवाओं को पता होंगे? शायद नहीं! इन्हें ऐसा कुछ भी नहीं पता होगा। तो फिर यह प्रश्न उठता है कि इतनी कम उम्र में ऐसा क्या हुआ है कि ये युवा अपने ही देश की पुलिस, सेना और सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे हैं।

पराली, पंजाब सरकार और चयनित क्रांति

यदि वायु प्रदूषण की बात की जाए तो पराली जलाना इस समय प्रदूषण का सबसे बाद कारण है, और पराली किस राज्य में सबसे ज्यादा जलाई जाती है, वह भी सभी को पता है, मगर पंजाब सरकार के खिलाफ आवाज नहीं उठती है और “हर घर से हिडमा निकलेगा? जैसे नारे कथित क्रांति के आकाश पर छा जाते हैं?

वामपंथी वायरस — युवाओं पर सवार होने वाला परजीवी

वामपंथी वायरस से पीड़ित ये छात्र यह तक भूल गए हैं कि वे एक लोकतान्त्रिक देश के निवासी हैं, जहां पर आंदोलन तो कर सकते हैं, मगर वाणी की भी एक मर्यादा होती है और आजादी की भी एक सीमा होती है। आजादी चाहना गलत नहीं है, मगर यह भी तो तय होना चाहिए कि आजादी आखिर किससे चाहिए? और क्या जिनके समर्थन में ये लोग नारे लगा रहे हैं, वे लोग किसी भी प्रकार की आजादी आदि दे रहे थे?

प्रदूषण की समस्या नई नहीं — न क्रांति नई

वैसे प्रदूषण की समस्या न ही नई है और न ही इस सरकार के कारण पैदा हुई है? इस बार अवश्य दीपावली पर पटाखे चलाने की अनुमति सर्वोच्च न्यायालय ने दे दी थी, तो उसे लेकर ये लोग यह कह सकते हैं कि एक दिन के कारण प्रदूषण बढ़ गया होगा, मगर ऐसा शायद ही है। परंतु पिछली सरकार के समय तो पटाखे भी प्रतिबंधित थे, मगर प्रदूषण भी इतना ही रहा था, तो पिछले वर्ष ये आंदोलन क्यों नहीं हुए? क्या पिछले वर्ष तक स्वच्छ हवा अधिकार नहीं था? जैसे ही भाजपा सरकार कहीं भी आती है, वामपंथी ईकोसिस्टम सक्रिय होता है और फिर वह मुद्दों की और उन कंधों की तलाश में रहता है, जिनपर रखकर वह बंदूक चला ले।

युवाओं को मोहरे बनाकर चलने वाला एक बेहद खतरनाक खेल

और कथित क्रांति की रूमानियत में खोए हुए युवाओं से बढ़कर उन्हें अपना हथियार कौन मिलेगा और वे लपक लेते हैं न केवल मौके को, बल्कि साथ ही युवाओं को भी। वे युवाओं को कथित क्रांति का रूमानी सपना दिखाते हैं और उन्हें यह एक ऐसे अंधेरे संसार में ले जाते हैं, जहां से बाहर आने का रास्ता भी सहज नहीं होता, क्योंकि दुर्दांत अपराधियों के पक्ष में नारे लगाकर युवा पुलिस के हत्थे चढ़ेंगे और फिर साल-दर-साल वे पुलिस और न्यायालय के चक्कर लगाते रहेंगे और इसी बीच किसी और मुद्दे पर युवाओं की नई खेप इस वायरस का शिकार होगी और शिकारी अपने बच्चों का और अपना जीवन और कैरियर बचाते हुए एक बार फिर इन वामपंथी शिकारियों का शिकार होती रहेगी।

कब टूटेगा यह सिलसिला?

यह सिलसिला कब टूटेगा यह नहीं पता, परंतु यह बात सत्य है कि वामपंथी वायरस इस सीमा तक परजीवी और खतरनाक है कि यह देश के युवाओं के कंधों पर चढ़कर अपने आप को मजबूत करता है और युवाओं को जेल हो जाए या फिर उन्हें पुलिस की लाठियां झेलनी पड़ें, उसे परवाह नहीं है। दुर्भाग्य की बात तो यही है कि इस वायरस से पीड़ित इन युवाओं को भी यह नहीं पता चल पाता है कि कथित क्रांति की आड़ में वे कब देश और धर्म के विरोध में चले जाते हैं और जब उन्हें होश आता है तो उनके हाथ पछतावा ही रहता है।

वायरस को फैलाने वाले हमेशा बच निकलते हैं

इससे भी बड़ी विडंबना यह है कि जो इस वायरस को भड़काने वाले हैं, जो इस वायरस को फैलाते हैं, वे फिर से अपने बिल में जाकर नए मुद्दों और नए शिकार का इंतजार करने लगते हैं। इनके लिए देश की युवा शक्ति केवल इनकी स्वार्थ सिद्धि के लिए है और कुछ नहीं!

Topics: Student Protest IndiaAfzal SlogansUrban Naxal DebateYouth RadicalisationCongress Politicsछात्र आंदोलनPolitical Narrative IndiaLeft Ecosystemहिडमा विवादवामपंथी इकोसिस्टमGen-Z protestDelhi Pollution ProtestHidma Slogans
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

‘विद्यार्थी आंदोलन के चेतनापुंज’

ईयू सांसद वामपंथी फ्रांसीसी नेता रीमा हसन

France: जिहादी सोच की EU सांसद वामपंथी नेता Rima Hassan हिरासत में, Israel विरोधी हसन के लिए मुखर हुआ वामी ईकोसिस्टम

ऑनलाइन चरमपंथ फैलाने वाला मुंबई इंजीनियरिंग छात्र अयान शेख ATS की गिरफ्त में, UAPA के तहत मुकदमा

बालेन शाह (File Photo)

रैपर से Mayor और अब PM पद के उम्मीदवार, भारत विरोधी Balen Shah क्या बनेंगे GenZ की पहली पसंद!

नेशनल हेराल्ड केस : कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को ED ने फिर भेजा नोटिस

Delhi pollution protest truned into Naxal Support

दिल्ली में प्रदूषण के नाम पर नक्सल समर्थन, नक्सली हिडमा के लिए नारेबाजी; पुलिस पर मिर्ची स्प्रे से हमला

Load More

ताज़ा समाचार

neet ug successful candidates patna-kanpur reaction on paper leak and delhi protest

“मांग सही, लेकिन राजनीति बर्दाश्त नहीं” : NEET UG में सफल छात्रों का जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बड़ा बयान

Dehradun Fake Medicine Factory Raid FSDA Ghaziabad Crime Branch Cipla Sun Pharma Panchjanya

सिप्ला, मैनकाइंड और सन फार्मा के नाम पर बन रही थीं नकली दवाएं: देहरादून में FSDA व पुलिस का बड़ा छापा, फैक्ट्री सील!

BJP Protest Against Rahul Gandhi Dehradun Congress Office Mahendra Bhatt Panchjanya

उत्तराखंड: भाजपा ने जोरदार प्रदर्शन से कांग्रेस की लोकतंत्र विरोधी राजनीति की खोली पोल!

आतंकी गुरपतवंत पन्नू

टुकड़े-टुकड़े गैंग के बाद अब खालिस्तानी आतंकी आए कॉकरोच पार्टी के समर्थन में, पन्नू बोला- CJP को दस करोड़ रुपए देगा

जंतर मंतर की भीड़ को पत्रकारों के खिलाफ लिंचिंग के लिए क्या भड़का रहे हैं गोदी मीडिया के जनक

CM Yogi Adityanath Inspection Gorakhpur Goddhoiya Nala Project Jail Bypass Panchjanya

“सपा शासन में भूमाफियाओं ने ठगा, हमने दिया मुआवजा”: गोरखपुर में 495 करोड़ की परियोजना के निरीक्षण पर बोले CM योगी!

सांकेतिक फोटो

दिल्ली जंतर-मंतर प्रदर्शन: CJP के समर्थक क्या इस ऐप से करते हैं एक-दूसरे को मैसेज, बिना इंटरनेट कैसे करता है काम?

Punjab Barnala Sanitation Workers Police Lathicharge Protest AAP Government Panchjanya

पंजाब में SC सफाई कर्मचारियों पर जमकर लाठीचार्ज, AAP सरकार के खिलाफ सड़कों पर आक्रोश

Gorakhnath Mandir Shri Ram Katha 2026 Gorakhpur CM Yogi Adityanath Acharya Shantanu Ji Maharaj Panchjanya

श्री गोरखनाथ मंदिर में कल से गूंजेगी श्रीरामकथा: CM योगी होंगे शामिल, 151 वेदपाठी बटुकों की शोभायात्रा से होगा शुभारंभ!

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास की बैठक सम्पन्न: जानिए दर्शन, पूजा, चढ़ावा और CEO चयन पर बड़ा अपडेट

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies