महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद और इस्लामिक स्टेट के लिए ऑनलाइन टेरर प्रोपेगैंडा फैलाने के लिए अयान शेख नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी एक इंजीनियरिंग छात्र है, जो कि इस्लामिक कट्टरपंथ को फैला रहा था। इसके बाद एटीएस उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ UAPA के तहत कार्रवाई की गई है।
मुंबई का रहने वाला है आरोपी?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी अयान शेख मुंबई का रहने वाला है और नवि मुंबई के एक कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। उसकी उम्र की बात की जाय तो अलग-अलग रिपोर्ट्स में 21 से 22 साल तक बताई गई है। ATS के मुताबिक, वो काफी एक्टिव था एनक्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स और टेलीग्राम चैनल्स पर, जहां चरमपंथी कंटेंट शेयर होता था।
क्या-क्या आरोप लगे हैं?
जांच एजेंसी ने का कहना है कि अयान ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और इस्लामिक स्टेट (ISIS) जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े कंटेंट को वायरल किया। उसने दोस्तों और दूसरे युवकों को ऐसे ग्रुप्स में जोड़ा, जहां कट्टरता,रिक्रूटमेंट और कट्टरता से भरे विचारों वाले कंटेंट को चलाया जाता था। बड़ी बात ये है कि पूछताछ में उसने विदेशी हैंडलर्स से लिंक और JeM-ISIS से जुड़े लोगों से बातचीत कबूल की है। ATS का कहना है कि वो लोगों को रिक्रूट करने की कोशिश कर रहा था और कट्टरपंथी विचारधारा के लिए फंडिंग में भी मदद कर सकता था।
कैसे हुई कार्रवाई?
ATS को विशेष इंटेलिजेंस इनपुट मिले थे कि JeM और ISIS से जुड़ा प्रोपेगैंडा ऑनलाइन फैलाया जा रहा है। इसके आधार पर सोमवार रात (यानी 2-3 मार्च 2026 के आसपास) मुंबई के कुर्ला, गोवंडी और शिवाजी नगर इलाकों में एक साथ सर्च अभियान चलाया गया। इन सर्च में अयान शेख को पकड़ा गया। उसके घर और जुड़े ठिकानों पर छापेमारी हुई।
क्या-क्या मिला?
तलाशी के दौरान जांच एजेंसी ने आरोपी कई इलेक्ट्रॉनिक उपकणों, लैपटॉप और कई मोबाइल फोन को जब्त कर लिया। सभी को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। इन उपकरणों में JeM चीफ मसूद अजहर से जुड़े ऑडियो-वीडियो क्लिप्स मिले। साथ ही कई चैट्स रिकवर हुए, जिनमें टेररिस्ट रिक्रूटमेंट को प्रमोट करने के संकेत थे।
क्या चल रहा है जांच में?
रिपोर्ट के अनुसार, अयान के दो बहुत ही घनिष्ठ दोस्त हैं, जिनसे भी पूछताछ की जा रही है। उन दोनों को पता चला है कि उन्होंने चरमपंथी कंटेंट को एक्सेस किया था। हालांकि, वे खुले तौर पर आतंकी वारदातों में शामिल नहीं थे।












