अयोध्या : मन में बसे राम को प्रतिष्ठित कर भारत को विकसित करने का संकल्प लें - प्रधानमंत्री मोदी
June 26, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

अयोध्या : मन में बसे राम को प्रतिष्ठित कर भारत को विकसित करने का संकल्प लें – प्रधानमंत्री मोदी

अयोध्या धाम में धर्म ध्वजा फहराने के बाद PM Modi ने कहा कि सदियों की वेदना आज समाप्त हो रही है और रामराज्य के आदर्श विकसित भारत की आधारशिला बनेंगे।

Written byShivam DixitShivam Dixit — edited by Shivam Dixit
Nov 25, 2025, 05:09 pm IST
in भारत, उत्तर प्रदेश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार (25 नवम्बर, 2025) को अयोध्या धाम में नवनिर्मित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराने के बाद उपस्थित राम भक्तों को संबोधित करते हुए उन्होंने भावपूर्ण संदेश दिया. पीएम मोदी ने कहा- ‘आज अयोध्या नगरी भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक और उत्कर्ष बिंदु की साक्षी बन रही है। आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व, राममय है। हर रामभक्त के हृदय में अद्वितीय संतोष है, असीम कृतज्ञता है, अपार अलौकिक आनंद है।

उन्होंने कहा कि सदियों के घाव भर रहे हैं, सदियों की वेदना आज विराम पा रही है, सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है। आज उस यज्ञ की पूर्णाहुति है, जिसकी अग्नि 500 वर्ष तक प्रज्वलित रही। जो यज्ञ एक पल भी आस्था से डिगा नहीं, एक पल भी विश्वास से टूटा नहीं। आज, भगवान श्री राम के गर्भगृह की अनंत ऊर्जा, श्री राम परिवार का दिव्य प्रताप, इस धर्म ध्वजा के रूप में, इस दिव्यतम, भव्यतम मंदिर में प्रतिष्ठापित हुआ है। ’

धर्म ध्वजा भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का प्रतीक

प्रधानमंत्री ने कहा- ‘ये धर्म ध्वजा केवल एक ध्वजा नहीं, ये भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है। इसका भगवा रंग, इस पर रचित सूर्यवंश की ख्याति, वर्णित ओम् शब्द और अंकित कोविदार वृक्ष रामराज्य की कीर्ति को प्रतिरूपित करता है। ये ध्वज संकल्प है, ये ध्वज सफलता है। ये ध्वज संघर्ष से सृजन की गाथा है, ये ध्वज सदियों से चले आ रहे स्वप्नों का साकार स्वरूप है। ये ध्वज संतों की साधना और समाज की सहभागिता की सार्थक परिणीति है। आने वाली सदियों और सहस्र-शताब्दियों तक, ये धर्मध्वज प्रभु राम के आदर्शों और सिद्धांतों का उद्घोष करेगा। ये धर्मध्वज भी इस मंदिर के ध्येय का प्रतीक है। ये ध्वज दूर से ही रामलला की जन्मभूमि के दर्शन कराएगा। और, युगों-युगों तक प्रभु श्रीराम के आदेशों और प्रेरणाओं को मानव मात्र तक पहुंचाएगा।’

आदर्शों की जन्मभूमि ‘अयोध्या’

प्रधानमंत्री ने कहा- ‘अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श, आचरण में बदलते हैं। यही वह नगरी है, जहाँ से श्रीराम ने अपना जीवन–पथ शुरू किया था। इसी अयोध्या ने संसार को बताया कि एक व्यक्ति कैसे समाज की शक्ति से, उसके संस्कारों से, पुरुषोत्तम बनता है। जब श्रीराम अयोध्या से वनवास को गए, तो वे युवराज राम थे, लेकिन जब लौटे, तो मर्यादा पुरुषोत्तम बनकर के आए। और उनके मर्यादा पुरुषोत्तम बनने में महर्षि वशिष्ठ का ज्ञान, महर्षि विश्वामित्र की दीक्षा, महर्षि अगस्त्य का मार्गदर्शन, निषादराज की मित्रता, मां शबरी की ममता, भक्त हनुमान का समर्पण, इन सबकी, अनगिनत ऐसे लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।’

सप्तमंदिर परिसर और सामूहिक चेतना

उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत बनाने के लिए भी समाज की इसी सामूहिक शक्ति की आवश्यकता है। मुझे बहुत खुशी है कि राम मंदिर का ये दिव्य प्रांगण, भारत के सामूहिक सामर्थ्य की भी चेतना स्थली बन रहा है। यहां सप्तमंदिर बने हैं। यहां माता शबरी का मंदिर बना है, जो जनजातीय समाज के प्रेमभाव और आतिथ्य परंपरा की प्रतिमूर्ति हैं। यहां निषादराज का मंदिर बना है, ये उस मित्रता का साक्षी है, जो साधन नहीं, साध्य को, उसकी भावना को पूजती है। यहां एक ही स्थान पर माता अहिल्या हैं, महर्षि वाल्मीकी हैं, महर्षि वशिष्ठ हैं, महर्षि विश्वामित्र हैं, महर्षि अगस्त्य हैं और संत तुलसीदास हैं। रामलला के साथ-साथ इन सभी ऋषियों के दर्शन भी यहीं पर होते हैं। यहां जटायु जी और गिलहरी की मूर्तियां भी हैं, जो बड़े संकल्पों की सिद्धि के लिए हर छोटे से छोटे प्रयास के महत्व को दिखाती हैं। मैं आज हर देशवासी से कहूंगा कि वो जब भी राम मंदिर आएं, तो सप्त मंदिर के दर्शन भी अवश्य करें। ये मंदिर हमारी आस्था के साथ-साथ, मित्रता, कर्तव्य और सामाजिक सद्भाव के मूल्यों को भी शक्ति देते हैं।’

समाज के हर वर्ग का सशक्तिकरण

प्रधानमंत्री ने कहा- ‘हम सब जानते हैं, हमारे राम भेद से नहीं, भाव से जुड़ते हैं। उनके लिए व्यक्ति का कुल नहीं, उसकी भक्ति महत्वपूर्ण है। उन्हें वंश नहीं, मूल्य प्रिय हैं। उन्हें शक्ति नहीं, सहयोग महान लगता है। आज हम भी उसी भावना से आगे बढ़ रहे हैं। पिछले 11 वर्षों में, महिला, दलित, पिछड़े, अति-पिछड़े, आदिवासी, वंचित, किसान, श्रमिक, युवा, हर वर्ग को विकास के केंद्र में रखा गया है। जब देश का हर व्यक्ति, हर वर्ग, हर क्षेत्र सशक्त होगा, तब संकल्प की सिद्धि में सबका प्रयास लगेगा। और सबके प्रयास से ही 2047, जब देश आज़ादी के 100 साल मनाएगा, हमें 2047 तक विकसित भारत का निर्माण करना ही होगा।’

एक हजार वर्षों की नींव : राम से राष्ट्र तक

उन्होंने कहा कि ‘रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक अवसर पर, मैंने राम से राष्ट्र के संकल्प की चर्चा की थी। मैंने कहा था कि हमें आने वाले एक हज़ार वर्षों के लिए भारत की नींव मज़बूत करनी है। हमें याद रखना है, जो सिर्फ वर्तमान का सोचते हैं, वो आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय करते हैं। हमें वर्तमान के साथ-साथ भावी पीढ़ियों के बारे में भी सोचना है। क्योंकि, हम जब नहीं थे, ये देश तब भी था, जब हम नहीं रहेंगे, ये देश तब भी रहेगा। हम एक जीवंत समाज हैं, हमें दूरदृष्टि के साथ ही काम करना होगा। हमें आने वाले दशकों, आने वाली सदियों को ध्यान में रखना ही होगा।’

आदर्श, मर्यादा और जीवन का शिखर ‘राम’

उन्होंने कहा- इसके लिए भी हमें प्रभु राम से सीखना होगा। हमें उनके व्यक्तित्व को समझना होगा, हमें उनके व्यवहार को आत्मसात करना होगा, हमें याद रखना होगा, राम यानी- आदर्श, राम यानी- मर्यादा, राम यानी- जीवन का सर्वोच्च चरित्र। राम यानी- सत्य और पराक्रम का संगम, “दिव्यगुणैः शक्रसमो रामः सत्यपराक्रमः।” राम यानी- धर्मपथ पर चलने वाला व्यक्तित्व। राम सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, राम एक मूल्य हैं, एक मर्यादा हैं, एक दिशा हैं। अगर भारत को साल 2047 तक विकसित बनाना है, अगर समाज को सामर्थ्यवान बनाना है, तो हमें अपने भीतर “राम” को जगाना होगा। हमें अपने भीतर के राम की प्राण प्रतिष्ठा करनी होगी, और इस संकल्प के लिए आज से बेहतर दिन और क्या हो सकता है?

कोविदार वृक्ष : अस्मिता और स्मृति का पुनर्जागरण

प्रधानमंत्री ने कहा- ‘आज जब राम मंदिर के प्रांगण में कोविदार फिर से प्रतिष्ठित हो रहा है, यह केवल एक वृक्ष की वापसी नहीं है, यह हमारी स्मृति की वापसी है, हमारी अस्मिता का पुनर्जागरण है, हमारी स्वाभिमानी सभ्यता का पुनः उद्घोष है। कोविदार वृक्ष हमें याद दिलाता है कि जब हम अपनी पहचान भूलते हैं, तो हम स्वयं को खो देते हैं। और जब पहचान लौटती है, तो राष्ट्र का आत्मविश्वास भी लौट आता है। और इसलिए मैं कहता हूं, देश को आगे बढ़ना है, तो अपनी विरासत पर गर्व करना होगा।’

गुलामी की मानसिकता से मुक्ति का संकल्प

पीएम मोदी ने कहा- ‘अपनी विरासत पर गर्व के साथ-साथ, एक और बात भी महत्वपूर्ण है और वो है- गुलामी की मानसिकता से पूरी तरह मुक्ति। आज से 190 साल पहले, साल 1835 में मैकाले नाम के एक अंग्रेज़ ने भारत को अपनी जड़ों से उखाड़ने के बीज बोए थे। मैकाले ने भारत में मानसिक गुलामी की नींव रखी थी। दस साल बाद, यानी 2035 में उस अपवित्र घटना को 200 वर्ष पूरे हो रहे हैं। कुछ दिन पहले ही मैंने एक कार्यक्रम में आग्रह किया था कि हमें आने वाले दस वर्षों तक, उस दस वर्षों का लक्ष्य लेकर चलना है कि भारत को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करके रहेंगे।’

भारतीय डीएनए में है लोकतंत्र

प्रधानमंत्री ने कहा- ‘गुलामी की यही मानसिकता है, जिसने लगातार ये स्थापित किया, हमने विदेशों से लोकतंत्र लिया, कहा गया कि हमारा संविधान भी विदेश से प्रेरित है, जबकि सच ये है कि भारत लोकतंत्र की जननी है, मदर ऑफ डेमोक्रेसी है, लोकतंत्र हमारे डीएनए में है।’ ‘गुलामी की मानसिकता के कारण, इस भारत की कितनी ही पीढ़ियों को भारत के वैशिष्ट्य की जानकारी से भी वंचित रखा गया। हमारी व्यवस्था के हर कोने में गुलामी की इस मानसिकता ने डेरा डाला हुआ था। आप याद करिए, भारतीय नौसेना का ध्वज, सदियों तक उस ध्वज पर ऐसे प्रतीक बने रहे, जिनका हमारी सभ्यता, हमारी शक्ति, हमारी विरासत से कोई संबंध नहीं था। अब हमने नौसेना के ध्वज से गुलामी के हर प्रतीक को हटाया है। हमने छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत को स्थापित किया है। और ये सिर्फ एक डिजाइन में बदलाव नहीं हुआ, ये मानसिकता बदलने का क्षण था। ये वो घोषणा थी कि भारत अब अपनी शक्ति, अपने प्रतीकों से परिभाषित करेगा, न कि किसी और की विरासत से। यही परिवर्तन आज अयोध्या में भी दिख रहा है।’

रामत्व को नकारने के प्रयास और मानसिक गुलामी से मुक्ति

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘ये गुलामी की मानसिकता ही है, जिसने इतने वर्षों तक रामत्व को नकारा है। भगवान राम, अपने आप में एक वैल्यू सिस्टम हैं। ओरछा के राजा राम से लेकर, रामेश्वरम के भक्त राम तक, और शबरी के प्रभु राम से लेकर, मिथिला के पाहुन राम जी तक, भारत के हर घर में, हर भारतीय के मन में, और भारतवर्ष के हर कण-कण में राम हैं लेकिन गुलामी की मानसिकता इतनी हावी हो गई कि प्रभु राम को भी काल्पनिक घोषित किया जाने लगा।’ ‘अगर हम ठान लें, अगले दस साल में मानसिक गुलामी से पूरी तरह मुक्ति पा लेंगे और तब जाकर के ऐसी ज्वाला प्रज्जवलित होगी, ऐसा आत्मविश्वास बढ़ेगा कि 2047 तक विकसित भारत का सपना पूरा होने से भारत को कोई रोक नहीं पाएगा। आने वाले एक हज़ार वर्ष के लिए भारत की नींव तभी सशक्त होगी, जब मैकाले की गुलामी के प्रोजेक्ट को हम अगले 10 साल में पूरी तरह ध्वस्त करके दिखा देंगे।’

भारत की आर्थिक प्रगति और भविष्य

उन्होंने कहा कि ‘इक्कीसवीं सदी का आने वाला समय बहुत महत्वपूर्ण है। आजादी के बाद के 70 साल में भारत, 70 साल में भारत विश्व की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना, 70 साल में 11वीं। लेकिन पिछले 11 साल में ही भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। और वो दिन दूर नहीं, जब भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी बन जाएगा। आने वाला समय नए अवसरों का है, नई संभावनाओं का है। इस अहम कालखंड में भी भगवान राम के विचार ही हमारी प्रेरणा बनेंगे।’

विकसित भारत के रथ के चार स्तंभ

अपने उद्बोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘विकसित भारत की यात्रा को गति देने के लिए एक ऐसा रथ चाहिए जिसके पहिए शौर्य और धैर्य हों। यानी चुनौतियों से टकराने का साहस भी हो और परिणाम आने तक दृढ़ता से डटे रहने का धैर्य भी हो। ऐसा रथ, जिसकी ध्वजा सत्य और सर्वोच्च आचरण हो, यानी नीति, नीयत और नैतिकता से समझौता कभी न हो। ऐसा रथ, जिसके घोड़े बल, विवेक, संयम और परोपकार हों, यानि शक्ति भी हो, बुद्धि भी हो, अनुशासन भी हो और दूसरों के हित का भाव भी हो। ऐसा रथ, जिसकी लगाम क्षमा, करुणा और समभाव हो, यानी जहां सफलता का अहंकार नहीं और असफलता में भी दूसरों के प्रति सम्मान बना रहे। इसलिए मैं आदरपूर्वक कहता हूँ, ये पल कंधे से कंधा मिलाने का है, ये पल गति बढ़ाने का है। हमें वो भारत बनाना है, जो रामराज्य से प्रेरित हो। और ये तभी संभव है, जब स्वयंहित से पहले, देशहित होगा। जब राष्ट्रहित सर्वोपरि रहेगा।’

Topics: Cultural Renaissance IndiaPM Modi Ayodhya speechRam Mandir historic addressAyodhya NewsViksit Bharat 2047 visionPM Narendra ModiRam Rajya messageAyodhya ram mandirAyodhya Ram temple newsViksit Bharat 2047Dharma Dhwaja CeremonyRam Mandir SpeechRam Rajya VisionModi Historic Speech
Shivam Dixit
Shivam Dixit
अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार। वर्ष 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत। प्रिंट, TV और डिजिटल मीडिया संस्थानों में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया। भारत की प्रथम SMS समाचार एजेंसी "न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया" (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, डिजिटल मीडिया के अनोखे प्रोजेक्ट "इंडियाज़ पेपर" का नेतृत्व करते हुए 500 समाचार वेबसाइटों का प्रबंधन किया। भारत के अलग अलग राज्यों के लगभग 1000 स्थानीय पत्रकारों से जुड़ा यह प्रोजेक्ट "लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स" में दर्ज है। वर्ष 2022 से राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं। शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे- नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं। उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी "अंसार खान" की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

आज का इतिहास

25 जून का इतिहास: क्रिकेट, आतंकवाद और कूटनीति से जुड़ी बड़ी घटनाएं

अयोध्या में शेषावतार मंदिर शिखर पर लहराया पवित्र ध्वज, 4 हजार रामभक्त बने ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी

Paschim Banga Divas Tarakeshwar PM Modi Speech Mission Purvoday

मिशन पूर्वोदय से बदलेगी बंगाल की तस्वीर! तारकेश्वर में गरजे पीएम मोदी- पूर्वी राज्यों की प्रगति से देश को मिलेगी नई गति

प्रतीकात्मक तस्वीर

हरिद्वार बैठक: विहिप का बड़ा ऐलान, परिवार कानूनों की समीक्षा और गौ रक्षा पर जोर

मोदी के 12 साल, POJK का विद्रोह और ब्रिटेन का ग्रूमिंग गैंग सच

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

रूस ने पीएम मोदी को कहा ‘डोयन ऑफ इंडियन प्राइम मिनिस्टर्स’ , जानें क्या होता है इसका अर्थ

Load More

ताज़ा समाचार

PoK Protest Against Reserved Seats Joint Awami Action Committee Banned Pakistan Army Violence

POK में दमन और जनांदोलन: दिखावे का ‘खेल’ हुआ बेनकाब, PoK में महा-विद्रोह! जानें क्या है पूरा विवाद?

Vande Mataram New Rules Modi Govt Bankim Chandra Chattopadhyay All 6 Stanzas Mandatory Schools

मोदी सरकार ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और वंदे मातरम को दिया असली सम्मान, जारी हुए नए कड़े नियम

Khet Bachao Abhiyan Uttarakhand Rudrapur Shivraj Singh Chouhan CM Pushkar Singh Dhami

उत्तराखंड: कृषि मंत्री शिवराज और CM धामी ने शुरू किया- ‘खेत बचाओ अभियान’

Ayodhya Ram Mandir Donation Scam Case Tinnu Yadav Arrested CM Yogi Adityanath SIT Investigation

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 गिरफ्तार, पूछताछ के बाद भेजा गया जेल

Shivraj Singh Chouhan Pantnagar Visit CM Pushkar Singh Dhami Agriculture University Alumni Meet

पंतनगर: कृषि मंत्री शिवराज और CM धामी ने लगाई धान की पौध, बोले- चीन को पछाड़ चावल उत्पादन में नंबर-1 बना भारत!

अशोक गुप्ता महाजन (इमजेंसी फाइल्स-5)

आपातकाल का सच: बात उगलवाने के लिए पायजामे में चूहे छोड़ते थे, 40 लोगों के लिए केवल एक शौचालय था

Uttarakhand Rainbow Trout Fish Export Nepal International Market Saurabh Bahuguna

उत्तराखंड का इंटरनेशनल मार्केट में धमाका: पहली बार विदेशों में पहुंची ‘रेनबो ट्राउट’ मछली

ओडिशा : मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने ‘गो ईस्ट’ पहल की शुरुआत की, औद्योगिक नीति में व्यापक सुधारों की घोषणा की

27 जून का पंचांग

27 जून का पंचांग: जानें कल की तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और ग्रहों की स्थिति

ऑपरेशन के दौरान हुई बड़ी लापरवाही? महिला का दावा- डॉक्टर ने गलत नस काटी, फिर कहा ‘अल्लाह की मर्जी’

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies