फिलिस्तीन में पाले-पोसे जा रहे आतंकवादी संगठन हमास की अगली योजना है पूरे यूरोप में आतंक फैलाना। यह चेतावनी इस्राएली खुफिया एजेंसी मोसाद ने हाल ही में जारी की है। मोसाद का दावा है कि हमास ने यूरोप के कई देशों में अपने स्लीपर सेल बना लिए हैं और वह वहां आतंकी हमलों के षड्यंत्र रचने की तैयारी में है। इस सनसनीखेज तथ्य का खुलासा कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट में हुआ है। मोसाद ने यूरोप की सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से कई ऐसे ऑपरेशन चलाए हैं, जिसके चलते हमास का नेटवर्क उजागर हुआ है और हमास के अनेक आतंकी हमलों को कामयाब होने से रोका गया है।
इस्राएली खुफिया एजेंसी के अनुसार, हमास ने कई देशों में अपने गुप्त स्लीपर सेल के माध्यम से यूरोप में एक बड़ा आतंकी नेटवर्क खड़ा किया है। इन सेल का लक्ष्य इस्राएलियों और यहूदी समुदाय को निशाना बनाना है। बीते कुछ महीनों में मोसाद ने यूरोप की सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर कई बार ऐसे संदिग्धों की गिरफ्तारी की है, जिनके पास हथियारों का जखीरा मिला और जो आने वाले हमलों की योजना बना रहे थे।
जानी—मानी खुफिया एजेंसी मोसाद का कहना है कि विशेष रूप से जर्मनी और ऑस्ट्रिया में इस नेटवर्क की गतिविधियां काफी तेज चल रही हैं। तुर्किए और कतर से इस ऑपरेशन को लॉजिस्टिक और रणनीतिक समर्थन दिया जा रहा था। मोसाद ने गत सितंबर माह में कतर में हुई हमास सरगनाओं की बैठक के संदर्भ में स्पष्ट कहा है कि उस बैठक में संगठन स्तर पर यूरोप में आतंकी गतिविधियां बढ़ाने का निर्देश दिया गया था।

मोसाद की रिपोर्ट के अनुसार, जर्मनी में बुरहान अल-खतीब नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था, जिस पर लंबे समय से तुर्किए और यूरोपीय नेटवर्क को आगे बढ़ाने का आरोप था। यूरोप की कई सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर हथियारों की तस्करी, पैसे के लेन—देन और जिहाद के लिए लोगों की भर्ती करने वाले अनेक छुपे ताने—बानों का पर्दाफाश हुआ है। इन जिहादी कार्रवाइयों का उद्देश्य यूरोपीय धरती पर आतंकी वारदातों को अंजाम देने के साथ साथ विशेष रूप से यहूदी समुदाय और इस्राएल समर्थकों को निशाना बनाना था।
मोसाद ने चेतावनी दी है कि 7 अक्तूबर 2023 को इस्राएल पर हुए हमास के बड़े आतंकी हमले के बाद से, हमास ने यूरोप में अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए तेजी से अपना फैलाव भी किया है। इस खुफिया एजेंसी का कहना है कि हमास अब ईरान की रणनीति अपनाते हुए एक अंतरराष्ट्रीय भूमिगत नेटवर्क तैयार कर रहा है, जिसमें हथियार जमा करना, स्लीपर सेल गठित करना और लॉजिस्टिक को मजबूत करना शामिल है। मोसाद का दावा है कि वे दर्जनों संभावित हमलों को रोकने में कामयाब रहे हैं, लेकिन खतरा अभी भी बना हुआ है।
जैसा पहले बताया, मोसाद का कहना है कि कतर में बैठे हमास के शीर्ष सरगनाओं ने यूरोप में इस नेटवर्क को पूरा समर्थन दिया है। गत सितंबर में हुई बैठक के बाद हमास ने निश्चित तौर पर ऑपरेशनल ढांचे को विस्तार देकर विभिन्न देशों में स्लीपर सेल सक्रिय कर दिए हैं। कतर और तुर्किए इन गतिविधियों के केन्द्र में हैं, जहां से रणनीति बनाई और नियंत्रित की जाती है।
ऐसी चिंताजनक रिपोर्ट आने के बाद, यूरोप की सुरक्षा एजेंसियां हमास की गतिविधियों को लेकर ज्यादा सतर्क हो गई हैं। लगातार जांच-पड़ताल, संदिग्धों की गिरफ्तारी और हथियारों की जब्ती के मामले बढ़ गए हैं। यूरोप की सरकारें इस्राएल के साथ मिलकर जानकारियां साझा कर रही हैं ताकि किसी बड़े आतंकी हमले को टाला जा सके। लेकिन मोसाद की चेतावनी के मुताबिक खतरा अभी टला नहीं है, हमास का नेटवर्क छिपकर नई साजिशें रच सकता है।
मोसाद की यह रिपोर्ट और चेतावनी यूरोप को याद दिलाती है कि वैश्विक आतंक के नेटवर्क न सिर्फ मध्य-पूर्व में बल्कि उसकी सीमाओं से दूर अन्य क्षेत्रों में भी लगतार पांव पसार रहे हैं। यह खतरा राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक स्तर पर यूरोप के लिए चुनौती है तथा इसे दूर करने के लिए संयुक्त अभियानों के साथ ही अतिरिक्त सतर्कता बेहद जरूरी है।

















