भारत और कनाडा ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) या कम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) की नेगोशिएशंस फिर से शुरू करने पर सहमति जता दी है। इसका मकसद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 50 अरब डॉलर तक पहुंचाना है। व्यापार और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को दिल्ली में एक इवेंट के दौरान ये बात कही। उन्होंने कहा कि ये एग्रीमेंट सिर्फ व्यापार का नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच विश्वास का प्रतीक भी है। इससे निवेशकों और बिजनेस वालों को दोनों तरफ से भरोसा मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का बयान
केंद्रीय मंत्री गोयल ने दोनों देशों के बीच हुई बातचीत को लेकर जोर देकर कहा, “हमने हाई-एम्बिशन CEPA पर नेगोशिएशंस शुरू करने का फैसला किया है, ताकि 2030 तक दोनों देशों का व्यापार दोगुना हो जाए।” उनका मानना है कि भारत और कनाडा नेचुरल एलाइज हैं, जो एक-दूसरे से कॉम्पिटिशन नहीं करते। दोनों के स्ट्रेंग्थ्स मिलकर बिजनेस और इनवेस्टर्स के लिए फोर्स मल्टीप्लायर बन सकते हैं।
उन्होंने कहा, “कनाडा से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा और हम भी उन्हें काफी कुछ ऑफर कर सकते हैं।” खासतौर पर क्रिटिकल मिनरल्स और उनकी प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी में बड़ा पोटेंशियल है। न्यूक्लियर एनर्जी के मामले में भी, खासकर यूरेनियम सप्लाई पर कनाडा के साथ इंगेजमेंट से फायदा हो सकता है। इससे दोनों तरफ सप्लाई चेन्स को डाइवर्सिफाई करने में मदद मिलेगी।
इसे भी पढ़ें: बना रहेगा तेजस का तेज, खाड़ी देशों के मीडिया ने कहा, Tejas की टक्कर में कोई नहीं, अमेरिकी थिंक टैंक ने की तेजस की तारीफ
क्यों रुकी थीं बातें?
2023 में कनाडा ने भारत के साथ FTA की नेगोशिएशंस को रोक दिया था। उस वक्त रिश्ते सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे, जब तत्कालीन कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत के संभावित लिंक का आरोप लगाया। भारत ने इसे “अब्सर्ड” बताकर खारिज कर दिया था। लेकिन मार्च 2022 में दोनों देशों ने इंटरिम एग्रीमेंट, जिसे ऑफिशियली अर्ली प्रोग्रेस ट्रेड एग्रीमेंट (EPTA) कहते हैं, पर नेगोशिएशंस दोबारा शुरू की थी। अब तक आधा दर्जन से ज्यादा राउंड्स हो चुके हैं।
भारत का कनाडा को निर्यात बढ़ा
2024-25 में भारत के कनाडा को एक्सपोर्ट्स 9.8% बढ़कर 4.22 अरब डॉलर हो गए, जो 2023-24 के 3.84 अरब डॉलर से ज्यादा है। लेकिन इंपोर्ट्स 2.33% गिरकर 4.44 अरब डॉलर रह गए, जो पिछले साल के 4.55 अरब से कम हैं। 2023 में दोनों देशों के बीच गुड्स एंड सर्विसेज का बाइलेटरल ट्रेड 18.38 अरब डॉलर का था।
दोनों देशों के बीच सुधर रहे रिश्ते
दोनों देशों के रिश्तों में ये नई रंगत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कनाडाई काउंटरपार्ट मार्क कार्नी के बीच जून में G7 समिट के साइडलाइन्स पर हुई बातचीत से आई। समिट कनाडा के कैनानास्किस में हुआ था। कनाडा में करीब 29 लाख भारतीय डायस्पोरा रहता है और 4 लाख 27 हजार से ज्यादा भारतीय स्टूडेंट्स वहां पढ़ाई कर रहे हैं। ये सब मिलकर दोनों देशों को करीब लाते हैं।















