भारत और अमेरिका के बीच लंबे वक्त से ट्रेड डील को लेकर चल रही बातचीत पर अपने अंतिम चरण में पहुंचने जा रही है। इस बात का इशारा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने किया है। उन्होंने कहा है कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) का कानूनी टेक्स्ट लगभग तैयार हो चुका है। अब बात सिर्फ छोटी-मोटी चीजों पर अटकी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब वार्ता “कॉमा और फुल स्टॉप” तक पहुंच गई है।
यह समझौता पिछले 15 महीनों से चल रहा है। गोयल के मुताबिक, ज्यादातर मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी कहा था कि 99% काम पूरा हो गया है। अब बाकी छोटी-छोटी बातों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
कानूनी बदलावों को शामिल करना बाकी
अमेरिका में हाल में कुछ कानूनी बदलाव हुए हैं। इन्हें अंतिम समझौते में कैसे जगह दी जाए, इस पर अभी चर्चा चल रही है। गोयल ने कहा, “एक बार यह साफ हो जाए तो हम पहली ट्रांश की BTA को बहुत जल्दी पूरा करके साइन कर देंगे। उसके बाद व्यापक समझौते पर आगे बातचीत करेंगे।”
टैरिफ का मुद्दा अभी सुलझना बाकी
समझौते पर अंतिम मुहर तब लगेगी, जब ट्रंप प्रशासन टैरिफ मैकेनिज्म को लेकर अपनी स्थिति साफ कर ले। अभी अमेरिका पर 10% टैरिफ लगाया गया है, जो अगले महीने खत्म होने वाला है। उसके बाद क्या नया सिस्टम आएगा, यह देखना है।
भारत चाहता है कि नये टैरिफ सिस्टम में उसके एक्सपोर्ट्स को दूसरे देशों की तुलना में फायदा मिले। अमेरिका सेक्सन 301 के तहत भारत समेत कई देशों पर दो जांच चला रहा है। एक जांच सोलर मॉड्यूल्स, प्रोसेस्ड फूड, स्टील और एल्युमिनियम जैसे सेक्टर्स में स्ट्रक्चरल ओवरकैपेसिटी से जुड़ी है। दूसरी जबरन मजदूरी से संबंधित है।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि का भारत दौरा
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर भारत आने वाले हैं, लेकिन पहले टैरिफ मैकेनिज्म पर क्लैरिटी चाहिए। पहले ट्रंप ने इमरजेंसी प्रावधान के तहत रेसिप्रोकल टैरिफ लगाए थे, लेकिन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें गैर-कानूनी करार दिया था। अब नया तरीका तैयार किया जा रहा है।
पहले का अंतरिम फ्रेमवर्क रुका है
फरवरी की शुरुआत में दोनों देशों ने अंतरिम फ्रेमवर्क पर सहमति जताई थी, लेकिन कोर्ट के फैसले के बाद उसे होल्ड पर रख दिया गया। अब अमेरिकी व्यापार वार्ताकार दिल्ली में हैं। मंगलवार से तीन दिन की बातचीत शुरू होने वाली है।
व्यापार के आंकड़े
अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है। पिछले साल भारत ने वहां 87 बिलियन डॉलर का सामान भेजा। दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 140 बिलियन डॉलर का है। भारत को 33 बिलियन डॉलर से ज्यादा का ट्रेड सरप्लस है। इस बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भरोसा जताया कि कानूनी और टैरिफ संबंधी बिंदुओं को सुलझाने के बाद पहला समझौता बहुत जल्दी साइन हो जाएगा।

















