भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर राजनीतिक गलियारों में वार-पलटवार का सिलसिला जारी है। इस बीच केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। पीयूष गोयल ने गुरुवार (12 फरवरी) को मीडियाकर्मियों से कहा, “राहुल गांधी झूठ का पुलिंदा हैं। वो पूरी तरह से गलत बातें फैलाते हैं। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यूएस-इंडिया ट्रेड डील में भारत के हितों और भारतीय किसानों के हितों को संरक्षित रखा गया है। भारतीय किसानों के अधिकांश उत्पाद हमारी डेयरी, पोल्ट्री, चावल, गेहूं, सोयाबीन और मक्का, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, संतरा, सब्जियां, इथेनॉल, तंबाकू, मीट, दालें, बाजरा, रागी, किसानों का लगभग 90-95 प्रतिशत उत्पाद यूएस ट्रेड डील से बाहर है और जो भारत की आवश्यकताएं हैं, जिसे हम आज भी आयात करते हैं, उससे हमारे देश के किसानों को कोई हानि नहीं होगी। इस व्यापार समझौते से भी किसानों को लाभ पहुंचेगा।”
राहुल गांधी संसद में बैठकर झूठ बोलते हैं
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता में अहम भूमिका निभाने वाले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि राहुल गांधी संसद में बैठकर इसके बारे में झूठ बोलते हैं और उसे प्रमाणित भी नहीं करते। वह कहते हैं कि बांग्लादेश को ट्रेड से इंडिया से ज्यादा फायदा हुआ है। जैसे बांग्लादेश के पास यह सुविधा है कि अगर अमेरिका से कच्चा माल खरीदा जाता है, तो आप उसे प्रोसेस करके कपड़ा बनाकर एक्सपोर्ट करते हैं, तब वह जीरो रेसिप्रोकल टैरिफ पर मिलेगा। इंडिया के पास भी यही सुविधा है और हमें भी इसका लाभ मिलेगा। अभी हमारा फ्रेमवर्क एग्रीमेंट बन रहा है। जब अंतरिम समझौता फाइनल हो जाएगा, तो आपको यह फाइन प्रिंट में देखने को मिलेगा।”
केंद्रीय मंत्री के शब्दों में, “मैं उनकी निंदा करता हूं। राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी और उनके अन्य सहयोगी, चाहे वो डीएमके हो, समाजवादी पार्टी हो, टीएमसी हो या कम्युनिस्ट पार्टी सभी विकास विरोधी हैं। ये देश की तीव्र प्रगति को नहीं देख पा रहे हैं, वे यह नहीं देख पा रहे हैं कि मोदी जी के नेतृत्व में देश के किसानों की आय बढ़ रही है।” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को देश के किसानों, मछुआरों, एमएसएमई सहित 140 करोड़ देशवासियों से माफी मांगी चाहिए।
भारत के कपड़ा निर्यातकों को मिलेगी राहत
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान यह भी जानकारी दी कि अमेरिका से आयात की गई कपास से बने कपड़ों पर भारत को ‘जीरो टैरिफ’ की सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे भारत के कपड़ा निर्यातकों को काफी राहत मिलेगी। भारत और अमेरिका के बीच यह अंतरिम समझौता इस साल मार्च में साइन होने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि नए ट्रेड डील के बाद भारतीय टेक्सटाइल और गारमेंट के एक्सपोर्ट पर अमेरिका टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। साथ ही जो कपड़े अमेरिका से खरीदी गई कपास से बनाए जाएंगे, उस पर पूरी तरह से छूट यानी जीरो टैरिफ देना होगा।

















