चुनाव आयोग वोटर लिस्ट को क्लीन करने के लिए देश के कई राज्यों में एक साथ स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) करवा रहा है। इसके तहत पश्चिम बंगाल के कोलकाता की गुलशन कॉलोनी, जो एक मुस्लिम बहुल इलाका है, वहां मतदाता सूची को साफ-सुथरा करने का खास अभियान चल रहा है। यहां के BLO यानी बूथ लेवल ऑफिसर और इलाके के लोग मिलकर काम कर रहे हैं। बुधवार को कुछ ऐसी बातें सामने आईं जो सोचने पर मजबूर कर देती हैं। इस पूरे ब्लॉक में कुल 1622 वोटर हैं। खास बात ये है कि इसमें कई नाम गलत हैं।
BLO ने बताई सच्चाई
BLO वसीम अकरम ने बताया कि फॉर्म बांटना लगभग पूरा हो गया है। अभी सिर्फ 300 लोगों को बाकी है। कुछ लोग तो यहां रहते हैं, लेकिन उनका वोट कहीं और रजिस्टर है। वे खुद आकर फॉर्म ले गए। करीब 5-6 फीसदी लोग ऐसे हैं जो कहते हैं कि मेरा नाम लिस्ट में होना चाहिए था, लेकिन नहीं है। कई नाम 1995 की पुरानी लिस्ट में थे, पर 2002 के अपडेट में कट गए। अब दस्तावेज चेक करके उन्हें वापस जोड़ा जा रहा है। सबसे बड़ी बात, 50 फीसदी से ज्यादा लोगों का वोट दूसरे विधानसभा इलाकों में अटका है, और अभी तक यहां शिफ्ट नहीं हुआ।
एक वोटर की कहानी, जो कईयों की तरह ही है
मोहम्मद अनवर नाम के एक शख्स ने अपनी बात शेयर की। वे 2015 से गुलशन कॉलोनी में रह रहे हैं। उनका वोटर कार्ड पहले ओडिशा से था, जो उन्होंने यहां ट्रांसफर कराया। अनवर ने कहा, “मुझे ठीक से याद नहीं कब किया, लेकिन मैं यहां काउंसिल चुनाव में वोट दे चुका हूं। 2002 में मेरा नाम यहां नहीं था क्योंकि तब मैं ओडिशा में काम करता था। वहां मेरा अपना घर नहीं था। मेरी बेटी यहां रहती थी। जब ये बिल्डिंगें बनीं, तो बेटी के साथ मिलकर घर खरीदा। मैं असम का रहने वाला हूं।”
पूरे पश्चिम बंगाल में SIR का बड़ा प्लान
ये सिर्फ गुलशन कॉलोनी की बात नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर चल रहा है। 80 हजार से ज्यादा BLO 4 दिसंबर तक घर-घर जाकर डिटेल्स कलेक्ट करेंगे। राज्य में 659 हेल्प डेस्क लगाए गए हैं ताकि लोग आसानी से मदद ले सकें। चुनाव आयोग ने 9 राज्यों—छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल—और 3 केंद्र शासित प्रदेशों—अंडमान निकोबार, लक्षद्वीप व पुडुचेरी—में ये दूसरा चरण शुरू किया है। इससे देशभर के 51 करोड़ वोटरों की लिस्ट ठीक हो रही है। 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक ये मुहिम चलेगी। हर वोटर को आधा भरा स्पेशल फॉर्म मिलेगा, और BLO कम से कम तीन बार घर आएंगे। कुल 5.5 लाख BLO, 7.64 लाख बूथ एजेंट, 10 हजार से ज्यादा इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर और 321 जिला चुनाव अधिकारी इस काम में जुटे हैं। मदद चाहिए तो BLO को फोन करें या टोल-फ्री नंबर 1950 डायल करें—अपने इलाके का STD कोड लगाकर।
SIR के जरूरी तारीखें
9 दिसंबर को ड्राफ्ट लिस्ट आएगी। फिर 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक दावे-आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। आखिर में 7 फरवरी 2026 को फाइनल लिस्ट पब्लिश होगी। गुलशन कॉलोनी जैसे इलाकों में पुराने पेपर और माइग्रेशन की वजह से केस जटिल हैं, लेकिन चुनाव आयोग कहता है कि हर पात्र वोटर का नाम शामिल होगा।

















