नई दिल्ली (हि.स.) । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि वंदे मातरम् केवल एक शब्द नहीं बल्कि एक मंत्र, एक ऊर्जा, एक सपना और एक संकल्प है। यह गीत मां भारती के प्रति भक्ति और समर्पण की भावना का प्रतीक है, जो हमें अतीत से जोड़ता है, वर्तमान में आत्मविश्वास भरता है और भविष्य के लिए साहस देता है। यह अवसर “PM Modi Vande Mataram” और “Vande Mataram 150 years” के रूप में ट्रेंड कर रहा है।
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष
प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर वर्षभर चलने वाले समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने वंदे मातरम् पर विशेष स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किया। यह कार्यक्रम “Commemorative Coin India” और “Vande Mataram celebrations” से जुड़ा हुआ है।
वंदे मातरम् का ऐतिहासिक महत्व
प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् का मूल भाव है भारत मां भारती की शाश्वत संकल्पना। गुलामी के दौर में यह उद्घोष स्वतंत्रता का संकल्प बन गया। वंदे मातरम् स्वतंत्रता संग्राम का स्वर बन गया जो हर क्रांतिकारी की ज़ुबान पर और हर भारतीय की भावना में रचा-बसा था। यह ट्रेंडिंग कीवर्ड “National Song India” और “India Independence” से जुड़ा हुआ है।
बंकिमचंद्र चटर्जी और रवींद्रनाथ टैगोर का योगदान
प्रधानमंत्री ने कहा कि बंकिमचंद्र चटर्जी ने 1875 में बंगदर्शन में इसे प्रकाशित किया और 1896 में रवींद्रनाथ टैगोर ने कांग्रेस अधिवेशन में गाया। 1905 में बंग भंग आंदोलन के दौरान यह विरोध का प्रमुख नारा बना। वंदे मातरम् ने जनता को एक किया और समृद्ध सुजलाम सुफलाम भारत का सपना जगाया। यह चर्चा “Vande Mataram events” और “Indian culture” से जुड़ी है।
स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वंदे मातरम् स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा था और आज भी यह आजादी की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है। बंकिम बाबू ने मां भारती को ज्ञान, समृद्धि और शक्ति की देवी के रूप में चित्रित किया। यही भावना भारत को विज्ञान, तकनीक, रक्षा और आत्मनिर्भरता में अग्रणी बना रही है।
भारत की उपलब्धियां और वंदे मातरम्
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भारत ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर कदम रखा, जब बेटियां फाइटर जेट उड़ाने लगीं और विज्ञान, खेल व अन्य क्षेत्रों में नई ऊंचाइयां छूने लगीं तो हर भारतीय के दिल से एक ही स्वर निकला—“Bharat Mata Ki Jai, Vande Mataram।” यह घटना “Vande Mataram celebrations” और “Narendra Modi news” से संबंधित है।
समारोह में गणमान्य उपस्थित
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। यह कार्यक्रम “Vande Mataram events” और “National Song India” के तहत आयोजित किया गया।
वर्षभर चलने वाले आयोजन
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर 7 नवम्बर 2025 से 7 नवम्बर 2026 तक चलने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत है। इसके तहत देशभर में सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम् का सामूहिक गायन और जन भागीदारी के अनेक आयोजन किए जाएंगे। यह ट्रेंडिंग कीवर्ड “Vande Mataram 150 years” और “Bharat Mata Ki Jai” से जुड़ा हुआ है।

















