गत दिनों काशी में विश्व हिंदू परिषद के नवनिर्मित कार्यालय का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के संगठन महामंत्री श्री मिलिंद परांडे ने कहा कि यह भवन केवल निवास के लिए नहीं, बल्कि देश-दुनिया से काशी आने वाले लोगों के लिए एवं संगठन गतिविधियों का केंद्र होगा। यह व्यक्तिगत वस्तु नहीं, बल्कि सार्वजनिक भवन है, जिसकी व्यवस्थाओं के लिए हमें अपने नागरिक कर्तव्य का बोध होना चाहिए।
यह अनेक पुण्य आत्माओं द्वारा किए गए कार्य का प्रतिफल है। आज सैकड़ों वर्षों के बाद हिंदू धर्म एवं संस्कृति के लिए समाज में अनुकूल वातावरण बना है, फिर भी हिंदू समाज के समक्ष अनेक चुनौतियां हैं। जाति, मत, पंथ, संप्रदाय से ऊपर उठकर हम हिंदू हैं, इस कर्तव्य का पालन करना होगा। हिंदू-हिंदू से कैसे लड़ेगा, ऐसा वातावरण समाज में बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
हमें ऐसी शक्तियों को पहचान कर उनके मंसूबे नाकाम करने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि घटती प्रजनन दर जनसंख्या असंतुलन का मुख्य कारण है, जो समाज में एक बड़ी खाई का रूप लेती जा रही है। इन विषयों पर समाज को चिंतन करना है। जो पोषण देने में सक्षम है, उन लोगों के यहां भी प्रजनन का अनुपात बहुत कम है। उन्होंने कहा कि आज 10 से 15 वर्ष के बच्चों को पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान, म्यांमार, थाईलैंड से ड्रग की आपूर्ति की जा रही है।
एक वर्ष में लगभग 40,000 करोड़ रुपए की ड्रग पकड़ी गयी है। यह हमारे संस्कारों को समाप्त करने की बहुत बड़ी साजिश है। कार्यक्रम में महंत रविदास मठ के भारत भूषण जी ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद हिंदू समाज के व्यापक जागरण के कार्य में लगी है। कार्यक्रम में अनेक वरिष्ठ जन उपस्थित थे।

















