एक-दूसरे के विरोध से उपजी पार्टियों ने मिलकर एक महागठबंधन (इंडी) बनाया। इंडी बना राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के खिलाफ। लेकिन, हर बार चुनाव में यह इंडी गठबंधन चित हो जाता है और इसका संकेत मतदान से पहले ही दिखने लगता है। यह संकेत देते हैं इसके नेता।
राजद के नेता तेजस्वी यादव का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उनकी खीझ और हताशा दिखने लगी है। चुनाव कार्य में लगे अधिकारियों को धमकाते दिख रहे हैं। भरे मंच से वह कहते हैं कि जो अधिकारी अमित शाह से मिलकर गड़बड़ करेगा, सरकार आने के बाद इतनी कड़ी सजा मिलेगी कि कभी सोच नहीं सकते कि क्या सजा मिलेगी। अगर कोई बेईमान, कोई भ्रष्ट अधिकारी चुनाव में बेईमानी करेगा तो उसे सजा मिलनी चाहिए या नहीं। जो लोकतंत्र पर कलंक बनेगा, उसे सजा मिलनी चाहिए या नहीं।
वैसे राजद की बात करें तो इस पार्टी का पारिवारिक कुनबा भी बिखर गया है। तेज प्रताप अलग चुनाव लड़ रहे हैं तो रोहिणी भी नाराज चल रही हैं। अब तो लोग यह भी कहने लगे हैं कि बिहार की पार्टी में बिहार के ही लोगों का दबदबा नहीं रहा। राजद का चुनाव मैनेज कर रहे संजय यादव के खिलाफ भी लोगों में आक्रोश है। चुनावी घोषणापत्र भी इस तरह का जारी हुआ है कि उस पर सवाल उठ रहे हैं।
राहुल गांधी क्या बोल गए
वहीं, बची-खुची कसर राहुल गांधी पूरी करते दिख रहे हैं। उनका भी एक वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें उन पर आरोप लग रहा है कि उन्होंने छठ पर्व का अपमान किया है। वे वीडियो में बोलते दिखे कि अगर मोदी जी को ड्राम करना है, छठ पूजा में ड्रामा करना है तो पानी आ जाएगा। यह क्लिप भी वायरल हुई है।
इंडी गठबंधन की खीझ चुनाव हारने के बाद एकदम से दिखती है और विपक्षी नेता हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ देते हैं।
















