रूस ने हाल ही में अपना न्यूक्लियर पावर से चलने वाला क्रूज मिसाइल बुरेवेस्टनिक का सफल टेस्ट किया है। ये मिसाइल न्यूक्लियर हथियार ले जाने में सक्षम है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे “अजेय” बताया और कहा कि ये किसी भी डिफेंस सिस्टम को चकमा दे सकता है। 21 अक्टूबर को ये टेस्ट हुआ, जो यूक्रेन युद्ध के बीच न्यूक्लियर ड्रिल के साथ था। पुतिन का कहना है कि ये मिसाइल रूस की स्ट्रैटेजिक ताकत का अहम हिस्सा बनेगी। टेस्ट में ये करीब 14,000 किलोमीटर की दूरी तय करके 15 घंटे हवा में रही।
नाटो कहता है स्काईफाल
बुरेवेस्टनिक को रूस में 9M730 नाम से जाना जाता है, जबकि नाटो इसे SSC-X-9 स्काईफॉल कहता है। इसका मतलब “स्टॉर्म पेट्रेल” भी होता है। पुतिन के मुताबिक, ये दुनिया में इकलौता ऐसा हथियार है जो किसी और देश के पास नहीं। इसकी रेंज लगभग असीमित है, फ्लाइट पाथ अनप्रेडिक्टेबल होता है, जिससे इसे पकड़ना मुश्किल हो जाता है। ये यूएस और नाटो के मिसाइल डिफेंस को बायपास करने के लिए बनाया गया। टेस्ट के बाद पुतिन ने जनरलों से कहा कि इसे कैसे क्लासिफाई करें और डिप्लॉयमेंट के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करें।
विकास की कहानी
ये मिसाइल 2018 में पहली बार रूस ने पेश की थी। इसका विकास अमेरिका के मिसाइल डिफेंस प्रोग्राम के जवाब में हुआ, खासकर 2001 में जब वॉशिंगटन ने 1972 के एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल ट्रीटी से बाहर निकल गया। नाटो का लगातार फैलाव भी इसका कारण बना। शुरुआत में रूसी एक्सपर्ट्स को इसकी फीजिबिलिटी पर शक था, लेकिन अब जरूरी टेस्टिंग पूरी हो चुकी है। पुतिन ने जनरल वेलरी गेरासिमोव से मीटिंग में, जो यूक्रेन युद्ध की निगरानी कर रहे थे, इसकी डिटेल्स लीं। वो खुद कैमोफ्लाज यूनिफॉर्म में थे।
तकनीकी खासियतें
ये मिसाइल न्यूक्लियर पावर से चलती है, यानी इसका इंजन न्यूक्लियर रिएक्टर पर आधारित है। रेंज इतनी ज्यादा कि टेस्ट में 14,000 किमी (8,700 मील) तय की। फ्लाइट अनियमित होती है, जो इंटरसेप्शन को नामुमकिन बनाती है। ये न्यूक्लियर वारहेड ले जा सकती है। पुतिन कहते हैं कि ये मौजूदा और आने वाले डिफेंस सिस्टम्स से बच सकती है।











