पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर चल रहे तनाव के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे वाली हालत को दुनिया के सामने बता दिया है। उन्होंने अफगान तालिबान सरकार पर भारत का एजेंट बनने का आरोप लगाया है और पाकिस्तान में रह रहे सभी अफगानों को घर लौटने की चेतावनी दी है। आसिफ का कहना है कि अब अफगानिस्तान के साथ पुराने रिश्ते नहीं रहे।
सीमा विवाद में तालिबान पर हमला
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान में बसे सभी अफगानों को अब अपने देश वापस जाना चाहिए। उनका तर्क है कि काबुल में तो उनकी अपनी सरकार है, अपना खलीफा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पाकिस्तान की जमीन और संसाधन सिर्फ 25 करोड़ पाकिस्तानियों के लिए हैं, बाहरी लोगों के लिए नहीं। यह बयान ऐसे समय में आया जब दोहा में बातचीत की कोशिशें चल रही थीं। आसिफ ने जोर देकर कहा कि अफगानिस्तान के साथ पुराने रिश्तों का दौर अब खत्म हो चुका है।
इसे भी पढ़ें: लातों के भूत बातों से नहीं मानते: आसिम मुनीर की न्यूक्लियर ब्लैकमेल की कोशिश, कहा-“आधे दुनिया को ले डूबेंगे”
तालिबान को भारत का एजेंट बताया
आसिफ ने तालिबान सरकार पर सीधा इल्जाम लगाया कि वह भारत के इशारे पर काम कर रही है। उनका कहना है कि तालिबान नई दिल्ली और पाकिस्तान में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के साथ मिलकर इस्लामाबाद के खिलाफ साजिश रच रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग कभी पाकिस्तान की सुरक्षा में छिपे रहते थे, वही अब भारत की गोद में बैठकर दुश्मनी कर रहे हैं। आसिफ ने बताया कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को सीमा पार आतंकवाद की 836 शिकायतें और 13 डिप्लोमैटिक विरोध पत्र भेजे थे, लेकिन काबुल से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने सालों तक सब्र रखा, लेकिन अब हद हो गई।
तालिबान पर अहसान लादने की कोशिश
यहीं नहीं पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने मिमियाते हुए तालिबान पर अहसान लादने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि जब तालिबान सत्ता में नहीं आया था, तब उसके कई नेता पाकिस्तान की जमीन पर छिपे रहते थे और यहां सुरक्षा मिलती थी। लेकिन अब हालात उलट गए हैं। आसिफ के मुताबिक, काबुल अब पाकिस्तान के खिलाफ काम कर रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि इस्लामाबाद ने अफगानिस्तान को कई मौके दिए, लेकिन कुछ नहीं बदला। पुराने सहयोग के दिन अब पीछे छूट चुके हैं, और नई हकीकत सामने है।
















