भुवनेश्वर: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में ओडिया छात्रा के साथ हुए जघन्य सामूहिक दुष्कर्म मामले ने पूरे ओडिशा को झकझोर दिया है। घटना के बाद ओडिशा सरकार ने पीड़िता और उसके परिवार को हर संभव सहायता और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और राज्य महिला आयोग इस मामले में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने फोन पर पीड़िता, उसकी मां से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने पीड़िता को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर कदम पर उसके साथ है। उन्होंने कहा, “चिंता मत करो, ओडिशा सरकार पूरी तरह तुम्हारे साथ है।” मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि पीड़िता की शिक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार उठाएगी और उसकी शीघ्र स्वस्थता के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने पीड़िता की मां से भी बातचीत की और कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द सख्त और उदाहरणात्मक सजा दिलाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने ओडिशा महिला आयोग की अध्यक्ष से भी चर्चा कर उन्हें निर्देश दिया कि पश्चिम बंगाल सरकार के साथ लगातार समन्वय बनाए रखें और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि “दोषियों पर दबाव बनाने के लिए सभी मंचों का उपयोग किया जाएगा।”

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री माझी इससे पहले पीड़िता के पिता से भी बात कर चुके हैं और उन्हें भरोसा दिलाया था कि ओडिशा सरकार न्याय की लड़ाई में परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। वर्तमान में पीड़िता दुर्गापुर के एक अस्पताल में उपचाराधीन है।
उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने एनसीडब्लू की अध्यक्ष से की बात
इस बीच, ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने भी इस मामले में सक्रिय हस्तक्षेप किया है। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया रहाटकर से बात कर घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना न केवल अमानवीय है बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी है कि महिला सुरक्षा के प्रति अधिक संवेदनशीलता जरूरी है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए एक फैक्ट-फाइंडिंग टीम को दुर्गापुर भेजा था। टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार को कई कड़े निर्देश जारी किए हैं। इनमें निष्पक्ष और त्वरित जांच एवं अभियोजन, पीड़िता की सुरक्षा और चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करना, शैक्षणिक राहत देना, संस्थान का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराना और संस्थागत जवाबदेही तय करना शामिल हैं। उपमुख्यमंत्री परिडा ने कहा कि ओडिशा सरकार इस मामले की गंभीरता से निगरानी कर रही है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर प्रयास जारी है।
राज्य महिला आयोग की तीन सदस्यीय टीम दुर्गापुर पहुंच कर पीडिता से की मुलाकात
वहीं, ओडिशा राज्य महिला आयोग की तीन सदस्यीय टीम सोमवार शाम शोभना महांती के नेतृत्व में दुर्गापुर पहुंची। टीम ने अस्पताल में पीड़िता के परिवार से मुलाकात की और उसकी सेहत तथा मानसिक स्थिति के बारे में जानकारी ली। अस्पताल में प्रवेश से पहले मीडिया से बात करते हुए महांती ने कहा, “आयोग पीड़िता और उसके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है। हम सुनिश्चित करेंगे कि उसे न्याय मिले।” उन्होंने इस घटना को “अमानवीय और दर्दनाक” बताते हुए कहा कि ओडिशा सरकार पीड़िता को पूरा सहयोग देगी।
महांती ने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य पीड़िता की चिकित्सा स्थिति का आकलन करना, उसके माता-पिता से सीधे बातचीत करना और जांच की प्रगति की जानकारी लेना है। उन्होंने बताया कि आयोग अपनी विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा ताकि आगे की कार्रवाई तेज की जा सके। ओडिशा सरकार के उच्चस्तरीय हस्तक्षेप और महिला आयोग की सक्रियता से यह स्पष्ट है कि राज्य प्रशासन इस संवेदनशील मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रहा है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।

















