भुवनेश्वर : ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित कलिंग स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2026 बड़े उत्साह और जनभागीदारी के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, मातृशक्ति, वरिष्ठ नागरिकों और योग प्रेमियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। कार्यक्रम में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और सामूहिक योगाभ्यास में हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कोलकाता के रेड रोड से प्रसारित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह से वर्चुअल माध्यम से जुड़कर उनका संबोधन सुना। प्रधानमंत्री के संबोधन के उपरांत उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों, विद्यार्थियों और योग साधकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया।
योग मानव चेतना के विकास का माध्यम : मुख्यमंत्री
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन माझी ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शारीरिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा कि योग किसी विशेष धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव चेतना के विकास के लिए भारत की ओर से विश्व को दिया गया एक अमूल्य उपहार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी पहल के कारण योग को वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व पहचान मिली है और इससे भारत की सांस्कृतिक विरासत को विश्व मंच पर नई प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है।
“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम पर दिया विशेष जोर
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (स्वस्थ एवं निरोग जीवन के लिए योग) पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योग और प्राणायाम बढ़ती उम्र के साथ आने वाली अनेक शारीरिक और मानसिक चुनौतियों जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह, चिंता तथा अकेलेपन से निपटने में प्रभावी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का स्वास्थ्य समाज की बहुमूल्य धरोहर है और उनकी सक्रिय एवं स्वस्थ जीवनशैली पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।

युवाओं से नियमित योग अपनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने युवाओं को भी प्रतिदिन योग करने की सलाह देते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से मानसिक तनाव बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं से कम से कम 20 से 30 मिनट प्रतिदिन योगाभ्यास करने का आग्रह किया, जिससे मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और एकाग्रता में वृद्धि हो सके।
तीन नए आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में आयुष स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि गजपति, मलकानगिरि और रायगढ़ा जिलों में तीन नए आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने जानकारी दी कि जटनी के बिंझागिरि क्षेत्र में 20 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान का निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा रायरंगपुर में केंद्रीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की आधारशिला भी रखी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यालयी पाठ्यक्रम और जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों में योग को शामिल करने की दिशा में भी कार्य कर रही है, ताकि निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा मिल सके।
ओडिशा में जनआंदोलन बन रहा है योग
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच योग के प्रति बढ़ती रुचि यह दर्शाती है कि योग अब ओडिशा में एक जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार योग और आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे एक स्वस्थ, समृद्ध और जागरूक ओडिशा का निर्माण किया जा सके।

अनेक गणमान्य व्यक्तियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा सेवा तथा ओड़िया भाषा, साहित्य एवं संस्कृति मंत्री सूर्यवंशी सूरज, विद्यालय एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड, मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मलिक, कंधमाल सांसद सुकांत कुमार पाणिग्राही, मुख्य सचिव अनु गर्ग, विकास आयुक्त डी.के. सिंह तथा खेल एवं युवा सेवा विभाग के आयुक्त-सह-सचिव भूपिंदर सिंह पूनिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, खिलाड़ी, मीडिया प्रतिनिधि और योग साधक उपस्थित थे। बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच आयोजित यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल और प्रेरणादायक आयोजन के रूप में संपन्न हुआ।

















