RSS शताब्दी वर्ष : उत्तराखंड के 1350 स्थानों पर संघ सक्रिय, माणा से मझोला तक स्वयंसेवक सक्रिय
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RSS शताब्दी वर्ष : उत्तराखंड के 1350 स्थानों पर संघ सक्रिय, माणा से मझोला तक स्वयंसेवक सक्रिय

देवभूमि उत्तराखंड के 1351 गांवों में आरएसएस शताब्दी वर्ष कार्यक्रम के तहत स्वयंसेवकों का पथसंचलन और सेवा गतिविधियाँ चल रही हैं। राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता और सेवा भाव के संदेश हर घर तक पहुँचाए जा रहे हैं।

Written byउत्तराखंड ब्यूरोउत्तराखंड ब्यूरो
Oct 8, 2025, 05:29 pm IST
in उत्तराखंड, संघ @100

देवभूमि उत्तराखंड में देश के पहले गांव माणा से लेकर राज्य के अंतिम गांव मझोला तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) सक्रिय है। संघ के सौ साल पूरे होने के अवसर पर शताब्दी वर्ष का शंखनाद हर तरफ सुनाई दे रहा है। पिछले एक हफ्ते से देवभूमि के विभिन्न स्थानों पर पूर्ण गणवेश में घोष की धुन के साथ कदमताल करते स्वयंसेवकों का पथ संचलन लोगों का ध्यान खींच रहा है।

उत्तराखंड के 1351 बस्तियों/मंडलों में आरएसएस कार्यक्रम

जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड में 1351 बस्तियों/मंडलों में संघ शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की शुरुआत हो चुकी है। इस बार के कार्यक्रमों में क्षेत्र के सबसे पुराने स्वयंसेवक से लेकर नए स्वयंसेवक तक शामिल किए गए। अभी तक 50,000 से अधिक स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में हिस्सा लिया है।

आपदा प्रभावित गांवों में सेवा कार्य

जहां पथ संचलन या एकत्रीकरण संभव नहीं हो पाया, वहां संघ के स्वयंसेवकों ने आपदा प्रभावित गांवों में सेवा कार्यों की जिम्मेदारी अपने हाथ में ली। जैसे बासुकेदार, छीनाबगढ़ के चार गांवों, थराली, धराली आदि स्थानों में संघ की सक्रियता सेवा भाव के रूप में दिखाई दी।

मुख्य कार्यक्रम और प्रमुख व्यक्तियों की भागीदारी

हल्द्वानी में शताब्दी शंखनाद कार्यक्रम में संघ के सह सरकार्यवाह आलोक जी मुख्य वक्ता रहे। पिथौरागढ़ में 83 साल के पूर्व राज्यपाल और पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोशियारी भी तरुण स्वयंसेवकों के साथ बारिश में पथ संचलन करते दिखाई दिए। पौड़ी के श्रीनगर में मशकबीन की धुन पर और बद्रीनाथ में घोष के संगीत पर पथ संचलन ने मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया।

पथ संचलन एवं एकत्रीकरण कार्यक्रम 12 अक्टूबर तक

बताया गया है कि ये पथ संचलन और एकत्रीकरण के कार्यक्रम 12 अक्टूबर तक चलेंगे। इसके बाद संघ हर घर तक राष्ट्रवाद की दस्तक देने जाएगा। संघ ने पंच कर्तव्य, पर्यावरण, स्वदेशी, क़ुटुब प्रबोधन, सामाजिक समरसता और नागरिक कर्तव्य का संदेश प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

संघ का उद्देश्य: मजबूत राष्ट्र और सामाजिक समरसता

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख संजय कुमार ने बताया कि शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम में देवभूमि उत्तराखंड का प्रत्येक परिवार जुड़ें, इसके लिए योजना बनाई गई है। पथ संचलन और एकत्रीकरण कार्यक्रम उम्मीद से अधिक सफल रहे। जहां आपदा आई, वहां सेवा कार्यक्रम चल रहे हैं। भविष्य में छोटे-छोटे स्थानों पर हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। संघ का उद्देश्य भारत को मजबूत राष्ट्र के रूप में देखना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।

Topics: पथसंचलनस्वदेशीDevbhoomi Newsआरएसएस शताब्दी वर्षहिंदू सम्मेलनस्वयंसेवकRSS volunteersसामाजिक समरसतापंच कर्तव्यउत्तराखंडसंघ गतिविधियाँपर्यावरणउत्तराखंड अपडेटसेवा कार्यराष्ट्रवाद
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