सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी कन्वर्जन कराने वाले मिशनरी या मौलवी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला महाराष्ट्र के भिवंडी से सामने आया है, जहां अमेरिका के बिजनेस वीजा पर भारत आया अमेरिकी नागरिक जेम्स वॉटसन लोगों को ईसाई मत अपनाने के लिए बरगला रहा था। वो हिंदू धर्म को अंधविश्वास बताकर लोगों को ईसाई बनने के लिए उकसा रहा था। पुलिस ने वॉटसन समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
बताया जा रहा है कि ये घटना शुक्रवार को भुइशेत इलाके में हुई। आरोपी के खिलाफ विदेशी कानूनों तक की धाराएं लगाई गई हैं।
क्या है पूरा मामला?
बीते शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे भुइशेत के मनोज गोविंद कोल्हा के घर के बाहर 30-35 लोग जमा थे। जेम्स वॉटसन और उसके साथी साईनाथ गणपति सारपे ईसाई मत का प्रचार कर रहे थे। वो लोगों से कह रहे थे, “हिंदू धर्म तो बस अंधविश्वासों पर टिका है, दूसरे कोई भगवान नहीं। ईसाई बन जाओ, तो सुख-समृद्धि मिलेगी।” उन्होंने ये भी दावा किया कि यीशु मसीह की प्रार्थना से सारी बीमारियां ठीक हो जाती हैं। शिकायतकर्ता रवींद्र भुरकुट ने देखा कि उन्होंने पूछा, “क्या किसी नाबालिग लड़की को कोई बीमारी है?” फिर चार लड़कियों के नाम नोट किए। कार्यक्रम के आखिर में, वो लड़कियों के सिर पर हाथ रखकर बोले, ” जीसस की शक्ति से तुम ठीक हो गईं।”
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आरोपी कौन-कौन थे, और कैसे पहुंचे यहां?
मुख्य आरोपी जेम्स वॉटसन अमेरिका का रहने वाला है, जो ठाणे के हिरेनंदानी एस्टेट में रह रहा था। वो बिजनेस वीजा पर भारत आया था, लेकिन इसका इस्तेमाल धार्मिक गतिविधियों के लिए कर लिया। उसके साथ थे वसई के गोखिवरे से साईनाथ गणपति सारपे और लोकल मनोज गोविंद कोल्हा। पुलिस को शक हुआ जब भुरकुट ने शिकायत की। जांच में पता चला कि वॉटसन का मकसद लोगों का ईसाई मतांतरण करवाना था। वह लोगों को ईसाई साहित्य भी बांट रहा था।
पुलिस ने की कार्रवाई
भिवंडी तालुका पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। थाने के इंस्पेक्टर हर्षवर्धन बारवे ने बताया, “हमने भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 और 302 लगाईं, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और गलत तरीके से धर्म प्रचार करने से जुड़ी हैं।” ऊपर से विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत वीजा नियम तोड़ने का केस, और महाराष्ट्र का 2013 का मानव बलि एवं काला जादू निवारण कानून भी जोड़ा गया। पुलिस ने उनके पास से सारे धर्मांतरण वाले पेपर और सामान को जब्त कर लिया है। अब भिवंडी पुलिस गहराई से जांच कर रही है कि ये कितना बड़ा नेटवर्क है।
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