उधम सिंह नगर: खटीमा क्षेत्र में थारू बुक्सा जनजाति के लोगों को हिंदू धर्म से ईसाई धर्म में मतांतरण कराने के एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक मिशनरियों एक व्यक्ति को प्रलोभन देकर उसके पूरे परिवार को ईसाई बना दिया। बताया गया है कि उसकी पत्नी भारत तिब्बत सीमा पुलिस में है और लद्दाख में तैनात और इन दिनों छुट्टी पर घर आई हुई थी और उसे भी धमकाकर कन्वर्ट करा दिया गया।
कैसे हुआ खुलासा
मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब खटीमा के दियां गांव निवासी निवलेश राणा ने पुलिस को एक प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें उसने अपने पति पर मतांतरण के आरोप लगाए। शिकायत में पीड़िता ने स्पष्ट किया है कि उसकी शादी हिंदू रीतिरिवाज से जून 2014 में संदीप सिंह राणा के साथ हुई थी। पिछले दिनों वो छुट्टी पर घर आई तो उसे मारपीट कर चर्च ले जाकर एक पास्टर से जबरदस्ती मतांतरण करवा दिया गया।
पति ने ही बच्चों का मतांतरण कर नाम बदल दिया
पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके बच्चे यहां पति के पास रहते है उनका भी मतांतरण करके उनके नाम यहोशू और एलेक्स रख दिए। पीड़िता का आरोप ये भी है कि मोहम्मदपुर भूडिया चर्च से आए दान सिंह राणा और कमलजीत सिंह ने उसके पति को रोजगार के लिए पैसे दिए जाने का लालच दिया था। आरोप ये भी है कि उसके पति ने उसके बच्चों को बंधक जैसा बनाया हुआ है इसी तनाव में वो अपने मायके में है जहां आकर उसके साथ मारपीट की जा रही है।
इस तरह के मामलों के लिए गठित है एसआईटी
इस मामले को उधम सिंह नगर पुलिस ने दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि ऐसे ही कुछ और मामले नानकमत्ता और गदरपुर क्षेत्र में भी सामने आए है जिनमें दानसिंह राणा और कमलजीत सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
जिला प्रशासन ने ऐसे मामलों की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया हुआ है। जांच दल मतांतरण करने वालों के जाति प्रमाण पत्र निरस्त किए जाने पर भी निर्णय ले रहा है।
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि मतांतरण मामलों की गहनता से जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले हफ्ते अपने बयान में मतांतरण कराने और करने वालों के खिलाफ कठोर धर्मांतरण कानून लगाए जाने की बात भी कही थी।















