नई दिल्ली: गाजा युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता पर अभी तक हमास की तरफ से हामी नहीं भरी गई है। हमास की तरफ से कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के गाजा युद्ध को रुकवाने के शांति प्रस्ताव पर जल्द ही प्रतिक्रिया दी जाएगी। ‘अल जजीरा अरबी’ की रिपोर्ट का कहना है कि गाजा युद्ध को रोकने के ट्रंप के प्रस्ताव पर हमास में भी चर्चा चल रही है। हमास के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद नज्जल का कहना है कि गाजा पर इजराइल के युद्ध को रोकने के लक्ष्य के साथ ट्रंप की योजना पर चर्चा हो रही है और जल्द ही इस प्रस्ताव पर हमास अपनी स्थिति की घोषणा करेगा। उन्होंने कहा कि हमास को फिलिस्तीनी लोगों के हितों को पूरा करने वाले तरीके पर विचार व्यक्त करने का अधिकार है।
मिस्त्र ने दी चेतावनी- हमास ने ठुकराया प्रस्ताव तो बढ़ेगा संघर्ष
मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलाटी ने चेतावनी दी है कि अगर हमास ने ट्रंप का प्रस्ताव ठुकराया तो संघर्ष और अधिक बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि काहिरा, कतर और तुर्की के साथ मिलकर हमास को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना स्वीकार करने के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है। हमें किसी भी पक्ष को यह बहाना नहीं देना चाहिए कि वे हमास को गाजा में नागरिकों की बर्बर हत्याओं का आधार बनाएं। उन्होंने कहा कि हमास को हथियार डालने होंगे और इजराइल को कोई ऐसा बहाना नहीं मिलना चाहिए जिससे वह अपना आक्रामक अभियान जारी रखे।
ट्रंप ने हमास को दिया है समय… मित्र भी युद्ध समाप्त कराने में है जुटा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को इस योजना को मानने के लिए तीन से चार दिन का समय दिया है। हालांकि यह समय पूरा होने वाला है। इसी बीच हमास का जवाब भी आ गया है जिसमें उसने जल्द प्रतिक्रिया देने की बात कही है। गाजा में दो साल से भी ज्यादा समय से युद्ध चल रहा है। इजराइल ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव को मान लिया है। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इजराइल की कार्रवाई में अब तक गाजा में 66,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
मिस्त्र ने कहा- हम फिलिस्तीनियों का जबरन विस्थापन स्वीकार नहीं करेंगे…
मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलाटी का कहना है कि मिस्र इस योजना को व्यवहारिक बनाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन इसके लिए और बातचीत की जरूरत है। इसमें अभी कई खामियां हैं। विशेषकर शासन और सुरक्षा व्यवस्था के मुद्दों पर। उन्होंने कहा कि हम ट्रंप योजना और युद्ध समाप्त करने की उनकी दृष्टि का समर्थन करते हैं लेकिन इसे लागू करने पर और बातचीत जरूरी है। उन्होंने कहा कि मिस्र फिलिस्तीनियों के जबरन विस्थापन को कभी स्वीकार नहीं करेगा। विस्थापन का मतलब फिलिस्तीनी मुद्दे का अंत है। हम इसे किसी भी परिस्थिति में होने नहीं देंगे।
इजरायल-हमास युद्ध पर भारत का रुख क्या?
भारत भी इजरायल और हमास युद्ध समाप्त होने के पक्ष है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाजा में चल रहे इजरायल-हमास युद्ध को समाप्त करने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रयासों का स्वागत किया है। पीएम मोदी ने कहा कि हम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से गाजा संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक व्यापक योजना की घोषणा का स्वागत करते हैं। यह फिलिस्तीनी और इजरायली लोगों के साथ-साथ व्यापक पश्चिम एशियाई क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक और स्थायी शांति, सुरक्षा और विकास का एक व्यवहार्य मार्ग प्रदान करता है। हमें उम्मीद है कि सभी संबंधित पक्ष राष्ट्रपति ट्रम्प की पहल के पीछे एकजुट होंगे और संघर्ष को समाप्त करने और शांति सुनिश्चित करने के इस प्रयास का समर्थन करेंगे।
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा युद्ध रुकवाने के लिए शांति प्रस्ताव रखा है। उन्होंने इसी हफ्ते की शुरुआत में 20 सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया था। जिसमें तत्काल युद्धविराम, हमास द्वारा बंधकों की रिहाई के बदले इजराइल में कैद फिलिस्तीनियों की अदला-बदली, गाजा से चरणबद्ध इजराइली वापसी, हमास का निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय निकाय द्वारा संचालित एक संक्रमणकालीन सरकार का प्रावधान शामिल है।

















