भारत लगातार अंतरिक्ष के क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। इसमें न केवल इसरो, बल्कि प्राइवेट सेक्टर के प्लेयर भी बड़ी भूमिका अदा कर रहे हैं। इसी क्रम में निजी क्षेत्र की स्पेस सेक्टर की कंपनी स्काईरूट ने शनिवार को श्रीहरिकोटा से विक्रम-1 रॉकेट की सफल लॉन्चिंग के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कंपनी की टीम से फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि स्पेस सेक्टर को प्राइवेट हाथों में खोलने का फैसला लेते समय कई लोगों ने उन्हें रोका था, लेकिन आज ये सफलता उनके फैसले को सही साबित करती है।
प्रधानमंत्री ने की स्काईरूट के फाउंडर से बात
पीएम मोदी ने स्काईरूट के फाउंडर और सीईओ पवन कुमार चंदाना तथा को-फाउंडर नागा भारथ डाका से बात की। उन्होंने कहा, “जब मैंने स्पेस सेक्टर को प्राइवेट करने का बोल्ड कदम उठाया तो मुझे बहुत निराशा थी। कहा गया कि ये नहीं हो सकता, कैसे होगा, सही फैसला है या नहीं। लेकिन मैं आगे बढ़ता रहा। आज विक्रम-1 की सफल लॉन्चिंग ने मुझे सही साबित कर दिया।” उन्होंने टीम की युवा ऊर्जा की तारीफ की। “स्काईरूट की पूरी टीम की औसत उम्र 20-25 साल है, ये देखकर बहुत गर्व होता है। सरकार को भारत के युवाओं पर पूरा भरोसा करना चाहिए और उन्हें काम देना चाहिए।”
पीएम ने इसे भारत की स्पेस जर्नी में ‘डिफाइनिंग मोमेंट’ बताया। अब भारत अमेरिका और चीन के बाद तीसरा देश बन गया है जहां प्राइवेट कंपनी अपना ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च कर सकती है।
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मिशन आगमन और आगे का रास्ता
पीएम मोदी ने टीम को ‘मिशन आगमन’ कहा। उन्होंने कहा, “ये मिशन आगे बढ़ता रहेगा। आपको नई ऊंचाइयों को छूना है और समय पर नए टारगेट पूरे करने हैं।” उन्होंने दिल्ली में अपने ऑफिस में टीम को आमंत्रित भी किया। लॉन्चिंग के समय श्रीहरिकोटा पर मौजूद करीब 1000 कर्मचारियों के सामने ये बातचीत हुई। पीएम ने एक्स (ट्विटर) पर भी लिखा कि प्राइवेट सेक्टर की बढ़ती भागीदारी नई संभावनाएं खोल रही है और इनोवेशन को तेज कर रही है। ये उपलब्धि युवाओं को बड़े सपने देखने और बिना डर के इनोवेट करने के लिए प्रेरित करेगी।
स्काईरूट टीम को दिया धन्यवाद
पवन कुमार चंदाना ने सरकार और इसरो का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि पूरा सपोर्ट, गाइडेंस और लॉन्च के लिए क्लियरेंस बिना किसी देरी के मिला। चंदाना ने बताया कि विक्रम-1 पूरी तरह भारत में डिजाइन किया गया है और 100% भारतीय टीम ने इसे बनाया है।
क्या है स्काईरूट
स्काईरूट भारत की पहली स्पेसटेक यूनिकॉर्न कंपनी है। लॉन्चिंग से एक दिन पहले चंदाना ने बताया था कि रॉकेट 450 किलोमीटर की लो अर्थ ऑर्बिट में छह पेलोड ले जा रहा है। इसके अलावा इसमें पीएम मोदी का हैंडरिटन मैसेज ‘वंदे मातरम’ भी था। पीएम ने बताया कि दुनिया वंदे मातरम के 150 साल मना रही है और ये गीत कई लोगों को देश के लिए जीने और मरने की प्रेरणा देता है।
अन्य अधिकारियों की प्रतिक्रिया
स्पेस मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि अगर पीएम मोदी ने स्पेस सेक्टर को प्राइवेट के लिए खोलने का फैसला नहीं लिया होता तो ये ऐतिहासिक उपलब्धि नहीं देख पाते। इसरो चेयरमैन वी. नारायणन ने टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये पूरे देश के लिए गर्व का दिन है। सिर्फ मुट्ठी भर देश ही खुद स्पेस तक पहुंच सकते हैं, आज एक प्राइवेट भारतीय कंपनी उस क्लब में शामिल हो गई। एक हजार से ज्यादा लोगों की टीम और करीब 400 सप्लायर्स की मेहनत का नतीजा है ये।
इन-स्पेस चेयरमैन पवन गोयनका ने कहा कि ये भारत की टैलेंट, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल क्षमता को दिखाता है। हम दुनिया के स्टैंडर्ड के लॉन्च व्हीकल बना सकते हैं और दुनिया की सेवा यहां से कर सकते हैं।

















