
रेशमबाग आरएसएस के स्वयंसेवकों का प्रदर्शन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विजयादशमी के दिन यानि आज (2 अक्टूबर 2025) अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण कर रहा है। इस अवसर पर विजयादशमी उत्सव का आयोजन प्रातः 7:40 बजे नागपुर के रेशिमबाग मैदान में किया जा रहा है। इस दौरान स्वयंसेवकों ने संघ गीत की खूबसूरत प्रस्तुति की। उसके कुछ अंश इस प्रकार हैं।
विश्वजननी की कोख सुमंगल, संस्कारों के भाव धरा।
वयं सर्वे सहोदर लेकर कुछ उद्देश्य मनुज ने, इस धरती पर जन्म लिया।।
पर उपकार ही धर्म हमारा, सेवा का संकल्प लिया।
नहीं भूलना पुण्य भूमि यह, ऋषि मुनियों की पुण्य धरा…संस्कारों की भाव धरा।।
वयं सर्वे सहो दरा, ऊंच-नीच से ऊपर उठकर, आत्मतत्व का बोध जगा।
सभी सुखी हों, एकोअहम का नाद उठा, भेदभावना तजकर सबने समरसता का भव भरा…संस्कारों की भाव धरा।।
वयं सर्वे सहोदरा, शाश्वत जीवन मूल्य सनातन, सत्य धर्म आधार बना।
त्याग आधारित नीव बिछाकर, संस्कार की भाव धरा।।
वैभव के नव उच्च शिखर पर, पवित्र धर्म ध्वज फहरा…संस्कारों की भाव धरा।
वयं सर्वे सहोदरा, राम नाम से जगी अस्मिता, हिन्दू मन अभिमान करा।।
राम राज्य प्रस्थापित करके, मंदिर पर नव कलश चढ़ा।
राम मंत्र के अंत: स्वर में मंत्र मुग्ध सी अखिल धरा…संस्कारों की भाव धरा।।
वयं सर्वे सहोदरा, विश्वजननी की कोख सुमंगल, संस्कारों के भाव धरा।