बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के चीफ एडवाइजर प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला है। उन्होंने उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए बड़ी ही बेशर्मी दिखाते हुए भारत पर ही फर्जी खबर फैलाने का आरोप मढ़ दिया। उनका दावा है कि हिन्दू अल्पसंख्यकों पर हमले जैसी कोई चीज है ही नहीं। जबकि, पिछले साल दिसंबर में ही भारतीय विदेश मंत्रालय ने आंकड़ों में खुलासा किया था कि उस साल वहां 2200 हिन्दुओं पर कट्टरपंथियों ने हमले किए।
शेख हसीना को शरण देने से खफा
यूनुस ने बुधवार को न्यूयॉर्क में एक प्रोग्राम के दौरान बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना को भारत में शरण मिलने पर गुस्सा जताया। उन्होंने कहा, “भारत उन्हें शरण दे रहा है, जिन्होंने बांग्लादेश में ढेर सारी मुश्किलें खड़ी कीं। इससे हमारे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।” शेख हसीना अगस्त 2024 में पीएम पद से हटीं, उसके बाद वहां हिंसा के कई मामले सामने आए। नई अंतरिम सरकार बनी तो भारत-बांग्लादेश रिश्ते ठंडे पड़ गए। भारत हमेशा अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर हमलों को लेकर चिंता जताता रहा है।
फेक न्यूज का लगाया भारत पर आरोप
मुहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश में हिन्दुओं के सिस्टमैटिक तरीके से किए जा रहे अत्याचार को लेकर बहुत बड़ा झूठ बोला। उन्होंने उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए उल्टा भारत पर ही फेक न्यूज चलाने का आरोप लगा दिया। यूनुस का दावा है कि बांग्लादेश में किसी भी प्रकार की हिन्दू विरोधी हिंसा नहीं हो रही है। ऐसे बड़ा सवाल उठता है कि नवंबर 2024 में बांग्लादेश में करीब 30 हजार हिंदुओं ने यूनुस की सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ होने वाले बर्ताव को ‘बर्बर’ बताया था।
जन्माष्टमी पर सद्भाव का संदेश
अगस्त 2024 में जन्माष्टमी के मौके पर यूनुस ने एक प्यारा संदेश दिया था। उन्होंने कहा, “मैं सबको सतर्क रहने को कहता हूं, ताकि कोई समाज में मौजूदा व्यवस्था, भाईचारा और सांप्रदायिक सौहार्द को कमजोर न करे। भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श और शिक्षाएं आपसी सद्भावना को और मजबूत करेंगी।” ये सुनकर अच्छा लगा था, लेकिन अब उनके बयान से लगता है कि हालात बदल गए हैं। बांग्लादेश में शेख हसीना के जाने के बाद जो हिंसा हुई, वो सबके जेहन में ताजा है। भारत तो बस अपने लोगों की चिंता कर रहा है, लेकिन यूनुस इसे फर्जी बता रहे हैं। कुल मिलाकर, ये सब बातें दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी दिखा रही हैं।

















