बांग्लादेश हिंसा: बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस की अगुवाई में जिस तरह से इस्लामिक कट्टरता अपने चरम पर पहुंच गई है, उसको लेकर बिहार के राज्यपाल डॉ आरिफ मोहम्मद खान ने बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि मुहम्मद यूनुस कट्टरता को बढ़ावा देकर अपनी सत्ता को बचाए रखना चाहते हैं।
पाञ्चजन्य के सागर मंथन संवाद 4.0 में बांग्लादेश के हालात पर बात करते हुए आरिफ मोहम्मद खान ने ये बातें कही। उन्होंने कहा कि यूनुस एक पढ़े-लिखे व्यक्ति हैं और वो इस बात को अच्छे से जानते हैं कि वो चुने हुए नहीं हैं। अत: वो चुनाव से बचने के लिए कट्टरता का सहारा ले रहे हैं। अपने तथ्यों को सिद्ध करने के लिए उन्होंने देश के पहले शिक्षा मंत्री रहे मौलाना आजाद का जिक्र किया। उनके मुताबिक, 1946 में दिए साक्षात्कार में मौलाना आजाद ने इस्लामवाद को लेकर कहा था कि पाकिस्तान में 10 साल के अंदर सारे लीडर गायब हो जाएंगे और सेना टेकओवर कर लेगी।
पूर्वी पाकिस्तान पर भी की थी भविष्यवाणी
राज्यपाल आरिफ खान ने कहा कि मौलाना आजाद ने पूर्वी पाकिस्तान को लेकर 1946 में ही भविष्यवाणी की थी। उन्होंने ये भी कहा था कि पूर्वी बंगाल पाकिस्तान के साथ नहीं रहेगा। आजाद ने कहा था कि ये मुसलमानों के नाम पर बंटवारा चाहते हैं, मुसलमानों को लेकर देश बना लें, लेकिन वहां मुसलमान नहीं रहेगा। वहां केवल कट्टरता ही होगी।
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गौरतलब है कि शेख हसीना के जुलाई 2024 में तख्तापलट के बाद से जिस तरह से बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस की अगुवाई में बीएनपी, जमात-ए-इस्लामी समेत अन्य इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन लगातार हिन्दुओं समेत अल्पसंख्यकों पर हमले कर रहे हैं। उससे वहां लगातार हालात बिगड़ रहे हैं। देश में फरवरी में चुनाव प्रस्तावित हैं और उससे ठीक दो माह पहले वहां एक हिन्दू व्यक्ति (दीपू चंद्र दास) पर पैगंबर मुहम्मद का अपमान करने का झूठा आरोप लगाकर उसे बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया जाता है। उसे पेड़ से बांधकर जला दिया जाता है।
इसके अलावा कट्टरपंथी देश भर में हिंसा कर रहें हैं। उन घटनाओं को देखते हुए जानकारों का कहना है कि ये सब यूनुस के ही इशारे पर हो रहा है। यूनुस की साजिश है कि बांग्लादेश में माहौल बिगड़े और वो ये कह सकें कि देश में हालात खराब हैं और इसलिए अभी चुनाव कराना संभव नहीं है।

















