बहराइच जिले में बाल कल्याण और मानवाधिकारों से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक अवैध रूप से संचालित मदरसे के शौचालय में बंद पाई गईं 40 नाबालिग लड़कियों को प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मुक्त कराया गया है। यह कार्रवाई एसडीएम अश्विनी कुमार पांडे के नेतृत्व में की गई एक गोपनीय छापेमारी के बाद हुई, जिन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
गुप्त सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर में एक मदरसा बिना किसी सरकारी अनुमति के चलाया जा रहा है और वहां कई बच्चों को अनुचित परिस्थितियों में रखा गया है। सूचना के आधार पर, एसडीएम अश्विनी कुमार पांडे ने पुलिस टीम के साथ त्वरित कार्रवाई की और मदरसे पर छापा मारा। छापे के दौरान, अधिकारियों को मदरसे के एक शौचालय में 40 नाबालिग लड़कियां बंद मिलीं। सभी लड़कियां भयभीत और सहमी हुई थीं। उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
एसडीएम ने दिए तत्काल निर्देश
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, एसडीएम ने तुरंत अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को निर्देश दिए हैं कि इस अवैध मदरसे को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। साथ ही, विभाग को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है कि सभी 40 लड़कियों को उनके परिजनों के पास सुरक्षित पहुंचाया जाए और उनकी पूरी जानकारी दर्ज की जाए।
मदरसा संचालकों पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
प्रशासन अब मदरसे के संचालकों की पहचान करने और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
पुलिस को अब तक नहीं मिली लिखित शिकायत
हालांकि, इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) रामानंद प्रसाद कुशवाहा ने कहा, “इस मामले में अभी तक पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।”

















