मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड सी.एस.आर. डायलॉग कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट के प्राथमिक विद्यालय में डिजिटल क्लासरूम का वर्चुअल शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान सीएम धामी ने राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़े कदमों की घोषणा की।
एक्सिस बैंक और टोयटा के साथ महत्वपूर्ण एमओयू
इस कार्यक्रम में एक्सिस बैंक समूह के साथ राज्य के 24 विद्यालयों के डिजिटलाइजेशन के लिए तथा टोयटा के साथ पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामुदायिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में सी.एस.आर. संचालित करने के लिए एमओयू साइन किया गया। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश की शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम बताया।
कॉर्पोरेट हाउस का सामाजिक जिम्मेदारी में योगदान
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देश के प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट हाउस अपने “सोशल रिस्पांसिबिलिटी इनिशिएटिव“ के अंतर्गत उत्तराखण्ड में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं। आई.आई.एफ.सी.एल, मैनकाइंड, अवाना फाउंडेशन, टोयटा, नेस्ले, टीएचडीसी, आईआरसीटीसी, एचडीएफसी और ब्रिटानिया जैसी संस्थाएं राज्य में विभिन्न सामाजिक गतिविधियां संचालित कर रही हैं।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से 3.56 लाख करोड़ का निवेश
सीएम धामी ने बताया कि वर्ष 2023 में आयोजित ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ के अंतर्गत 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति और एमएसएमई नीति सहित 30 से अधिक नीतियां लागू कर राज्य में उद्योगों को बेहतर माहौल प्रदान किया जा रहा है।
स्टार्टअप और इनक्यूबेशन सेंटर को बड़ा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना की गई है। साथ ही, स्टार्टअप्स को फंड उपलब्ध कराने हेतु 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था भी की गई है। इससे उत्तराखण्ड के युवाओं को स्वरोजगार और नवाचार के क्षेत्र में नए अवसर मिल रहे हैं।
शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्तापूर्ण सुधार
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। क्वालिटी एजुकेशन के लिए सभी सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकें अनिवार्य की गई हैं। पहली बार 12वीं के व्यावसायिक छात्रों के लिए रोजगार मेलों का आयोजन हुआ, जिसके माध्यम से 146 विद्यार्थियों का प्रतिष्ठित कंपनियों में चयन हुआ।
राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा में ऐतिहासिक पहल
धामी ने बताया कि उत्तराखण्ड देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां बुनियादी शिक्षा के लिए ‘राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा’ तैयार की गई है। इस पहल से शिक्षा व्यवस्था में राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी और विद्यार्थियों को समान अवसर मिलेंगे।
नकल माफियाओं पर कड़ा प्रहार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य के 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। कानून लागू होने के बाद से अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा गया है।
पेपर लीक करने वालों पर सख्त कार्रवाई
सीएम धामी ने कहा कि कुछ लोगों को यह रास नहीं आ रहा है कि आज हमारे युवा सरकारी नौकरियों में अवसर पा रहे हैं। इसलिए वे युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेलने के लिए संगठित रूप से पेपर लीक कराने के षड्यंत्र रच रहे हैं। हाल ही में पेपर लीक कराने का असफल प्रयास किया गया और उसके नाम पर अराजकता फैलाने की कोशिश की गई। सरकार नकल माफियाओं को जड़ से समाप्त किए बिना चैन से नहीं बैठेगी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का समाज सुधार में योगदान
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि उद्योग जगत ने समाज के प्रति सेवा भाव रखकर सामाजिक परिवर्तन के मार्ग को प्रशस्त किया है। सीएसआर के जरिए शिक्षा सुविधाओं में सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज में समरसता का भाव पैदा करता है और उद्योग जगत के सहयोग से उत्तराखंड के सुदूर विद्यालयों में विद्यार्थियों को तकनीक के जरिए शिक्षा मिल रही है।
टोयटा और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में टोयटा के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी, सचिव उद्योग विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव मनमोहन मैनाली तथा विभिन्न कंपनियों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधिगण मौजूद थे। इस आयोजन ने उत्तराखण्ड में शिक्षा, पर्यावरण और सामाजिक विकास की दिशा में उद्योग जगत की अहम भूमिका को और मजबूत किया।
















