EPF यानी भविष्य निधि (Employees’ Provident Fund) हर नौकरी करने वाले कर्मचारी के लिए एक महत्वपूर्ण बचत योजना है। यह न सिर्फ रिटायरमेंट के बाद की आर्थिक सुरक्षा देता है, बल्कि आपात स्थिति में भी काम आता है। लेकिन जब कोई व्यक्ति नौकरी छोड़ देता है या बदलता है, तो उसके मन में यह सवाल आता है, क्या EPF खाता बंद हो जाएगा? क्या उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाएगा? इस सवाल का जवाब है- नहीं, EPF खाता तुरंत बंद नहीं होता और न ही ब्याज मिलना तुरंत बंद होता है।
EPFO का नियम क्या कहता है- EPFO ने साफ किया है कि अगर कोई सदस्य नौकरी छोड़ देता है, तो भी उसके EPF खाते में जमा राशि पर 58 साल की उम्र तक ब्याज मिलता रहेगा, भले ही वह व्यक्ति किसी नई नौकरी में न हो। उदाहरण के लिए- अगर आपने 40 साल की उम्र में नौकरी छोड़ दी है और फिर कहीं काम नहीं किया, तब भी आपके EPF खाते में जमा पैसे पर 18 साल तक, यानी 58 की उम्र तक ब्याज जुड़ता रहेगा। जैसे ही कोई सदस्य 58 साल का हो जाता है, और उसने अभी तक अपना EPF पैसा नहीं निकाला है, तो उसका खाता निष्क्रिय माना जाता है। इसका मतलब है- खाते में अब ब्याज नहीं मिलेगा लेकिन आपकी जमा राशि पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। आप चाहें तो पैसा निकाल सकते हैं।बहुत से लोग यह सोचकर घबरा जाते हैं कि अगर उन्होंने नौकरी छोड़ दी, तो उनका EPF खाता बंद हो जाएगा या उसमें ब्याज मिलना बंद हो जाएगा। इस डर से वे जल्दीबाजी में पैसा निकाल लेते हैं। लेकिन यह जरूरी नहीं है। अगर आपको फिलहाल पैसे की जरूरत नहीं है, तो आप EPF खाते को ऐसे ही रहने दें। यह 58 साल की उम्र तक ब्याज कमाता रहेगा।
यह भी पढ़ें- EPFO ने दी 2 बैंक अकाउंट जोड़ने की सुविधा, जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
ब्याज दर क्या होती है- EPF पर हर साल सरकार एक ब्याज दर तय करती है। यह आमतौर पर 8% के आसपास होती है, जो कि बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट से ज्यादा होती है। यानी नौकरी छोड़ने के बाद भी आपका पैसा बढ़ता रहता है। EPF खाता सिर्फ तभी बंद होता है जब आप अपना पूरा पैसा निकाल लेते हैं।
पैसा निकालने से पहले क्या सोचें- अगर आपको पैसों की तुरंत जरूरत है, तभी निकालें। अगर आप दोबारा नौकरी करने की सोच रहे हैं, तो पुराने खाते को नए नियोक्ता के साथ जोड़ लें। पैसा ऐसे ही छोड़ने से वह सुरक्षित भी रहता है और ब्याज भी देता है।












