ब्रिटेन में एक ऐसा मामला फिर सामने आया है जिसने ट्रांस पहचान को लेकर बहस तेज कर दी है। एक ट्रांस महिला अर्थात जन्म से पुरुष लॉरा मार्ट ने एक बच्चे के सामने अपने प्राइवेट पार्ट दिखाए, पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तो मीडिया ने उसे एक महिला की गिरफ्तारी के रूप में दिखाया।
यह घटना 18 जुलाई 2025 की है। ग्रेट हारवुड के गेम स्ट्रीट में रहने वाला आरोपी वाइरसडेल रोड स्थित विलियमसन पार्क में टहल रहा था। पार्क में एक लड़की मंकी बार पर खेल रही थी। इसी दौरान मार्ट ने शर्मनाक हरकत की। लड़की डर गई और उसने भागकर अपने दोस्तों और पिता को बताया।
मार्ट पर आजीवन सेक्शुअल हार्म प्रिवेन्शन ऑर्डर लागू था। उस पर ऐसे किसी भी स्थान से 10 मीटर की दूरी पर खड़े होने को लेकर प्रतिबंध था, जहां पर बच्चे हो सकते हैं। बच्चों के प्रति बुरी नीयत का उसका इतिहास रहा है। उसने पहले भी इस तरह की हरकतें की हैं। जज एंड्रू जेफ्रीज ने कहा कि मार्ट के बार-बार एक ही प्रकार के अपराध किये जाने को लेकर वे अधिक दंड देना चाहते हैं, मगर अपराधों के दिशानिर्देश के अंतर्गत यह असंभव है।
यह और भी अधिक हैरान करने वाला था कि मीडिया ने इस खबर को यह कहकर चलाया कि एक महिला ने अपने प्राइवेट पार्ट एक बच्चे के सामने दिखाए, जबकि सच यह नहीं था। उसे महिला नहीं लिखा जा सकता है। लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक पुरुष को महिला कैसे कोई लिख सकता है? सच लिखा जाना चाहिए। लड़की को किसने पीड़ित किया, यह भी स्पष्ट है, फिर महिला क्यों लिखा जा रहा है?
ट्रांस महिला जैसा कुछ नहीं होता है
एक बहस मीडिया पर चलती है, जिसमें यह कहा जाता है कि ट्रांस महिला जैसा कुछ होता ही नहीं है। ट्रांस महिला अर्थात देह से पुरुष और मन से महिला? यदि किसी ने अपने जननांगों की सर्जरी नहीं करवाई और केवल हार्मोनल ट्रीटमेंट ही लेकर यह दावा किया कि वह एक महिला है, तो कैसे उसे महिला कहा जा सकता है? इस मामले पर सबसे अधिक मुखर रहने वाली जे के रोलिंग ने भी लिखा कि यह एक आदमी था। पत्रकार को जिम्मेदारी से पत्रकारिता करनी चाहिए।
महिलाओं को बेवजह अपराधी घोषित किया
यह और भी खतरनाक बात है कि ऐसी रिपोर्टिंग के जरिये महिलाओं पर ऐसे अपराध गढ़ दिए गए हैं, जो उन्होंने किये ही नहीं। एक यूजर ने एक और ऐसा ही समाचार एक्स पर साझा किया कि महिलाओं पर ऐसे अपराधों का बोझ डाला जा रहा है, जो पुरुषों ने किये हैं और पुलिस ने उन्हें महिला के रूप में बताया।
And this! Women being blamed for crimes carried out by men and no arrests as far as I’m aware and not surprisingly as the police have described them as ‘women’ pic.twitter.com/fQkwKg1NIf
— Billy@67 (@billy6715) September 6, 2025
एक और ऐसी ही घटना एक यूजर ने साझा की थी, जिसमें एबी टेलर नामक व्यक्ति जो जैविक रूप से पुरुष था, मगर वह खुद को महिला मानता है और कोर्ट में जिसके लिए महिला सम्बोधन प्रयोग किया गया। उसे भी बच्चों के शोषण के आरोप में बार-बार गिरफ्तार किया गया था।
जननांग से जेंडर का निर्धारण
यह भी बात सत्य है कि जननांग से ही व्यक्ति के जेंडर का निर्धारण होता है। ट्रांस-महिला या ट्रांस-पुरुष जैसे शब्द कहीं न कहीं अत्यंत भ्रामक दृश्य उत्पन्न करते हैं।

















