लखनऊ (हि.स.) । आगामी विजयादशमी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और 02 अक्टूबर से संघ शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम का शुभारम्भ होगा। शताब्दी वर्ष के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व का सबसे बड़ा गृह सम्पर्क अभियान शुरू करेगा। 20 नवम्बर से 21 दिसम्बर के बीच संघ कार्यकर्ता देश के छह लाख गांवों के 20 करोड़ परिवारों में सम्पर्क करेंगे। इस अभियान में लगभग 20 लाख कार्यकर्ता घर-घर जाकर संपर्क करेंगे। अकेले उत्तर प्रदेश में संघ के स्वयंसेवक ढाई करोड़ से अधिक घरों में सम्पर्क करेंगे। संपर्क के दौरान प्रत्येक घर में भारत माता का चित्र, पत्रक और संघ साहित्य वितरित किया जाएगा।
मण्डल व बस्ती स्तर पर पथ संचलन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष ने बताया कि शताब्दी वर्ष का पहला कार्यक्रम विजयादशमी का होगा। मण्डल व बस्ती स्तर पर आयोजित विजयादशमी उत्सव के कार्यक्रम में सभी स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में शामिल होंगे। इसके अलावा 02 से 12 अक्टूबर के मध्य महानगरों में बस्ती स्तर पर और ग्रामीण क्षेत्रों में मण्डल स्तर पर पथ संचलन का आयोजन किया जाएगा।
हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन
जनवरी 2026 में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता से ग्रामीण क्षेत्रों में मण्डल और शहरी क्षेत्रों में बस्ती स्तर पर हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में संघ के विचार, कार्य और उद्देश्य को व्यापक स्तर पर पहुँचाना है।
घर-घर संपर्क की व्यापक योजना
वृहद गृह संपर्क अभियान के तहत हर गांव, हर बस्ती के अधिकतम घरों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ब्रज प्रान्त में 45 लाख और मेरठ प्रान्त में 46 लाख घरों में सम्पर्क किया जाएगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रान्तों में अवध, कानपुर, काशी और गोरक्ष प्रान्त में 40 लाख घरों में सम्पर्क करने की योजना है।
प्रान्तवार संपर्क का लक्ष्य
काशी प्रान्त के प्रचार प्रमुख डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि काशी प्रान्त के 15 हजार गांवों के 40 लाख परिवारों में संपर्क किया जाएगा। अवध प्रान्त के प्रचार प्रमुख डॉ. अशोक दुबे ने बताया कि अवध प्रान्त ने 40 लाख घरों में सम्पर्क की योजना बनाई है।
80 हजार कार्यकर्ताओं का महासम्पर्क अभियान
इस महासम्पर्क अभियान में 80 हजार कार्यकर्ता 20 हजार टोलियों द्वारा एक माह तक अनवरत गृह सम्पर्क के माध्यम से समाज में संघ के विचार, कार्य और उद्देश्य को व्यक्तिगत संवाद द्वारा पहुंचायेंगे। अवध प्रान्त में 65 लाख पुस्तकें छप रही हैं और भारत माता का चित्र भी बनवाया जा रहा है।















