आज के बच्चों में अच्छे संस्कार कैसे जगाएं? प्रेमानंद जी महाराज से जानिए
June 29, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम जीवनशैली

आज के बच्चों में अच्छे संस्कार कैसे जगाएं? प्रेमानंद जी महाराज से जानिए

आध्यात्मिक शिक्षा के अभाव में बच्चों में विनम्रता की भावना दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है। आज के बच्चे, चाहे जितने भी पढ़े-लिखे हों, विनय से दूर होते जा रहे हैं।

Written byMahak SinghMahak Singh
Sep 18, 2025, 12:32 pm IST
in जीवनशैली
प्रेमानंद जी महाराज

प्रेमानंद जी महाराज

प्रेमानंद जी महाराज ने कहा किआज की पढ़ाई में आधुनिकता तो है लेकिन आध्यात्मिकता नहीं है। आध्यात्मिक शिक्षा के अभाव में बच्चों में विनम्रता की भावना दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है। आज के बच्चे, चाहे जितने भी पढ़े-लिखे हों, विनय से दूर होते जा रहे हैं। विडंबना यह है कि जितना कोई उच्च शिक्षा प्राप्त कर लेता है, उतना ही उसमें अहंकार आ जाता है। जबकि होना यह चाहिए कि जितना अधिक कोई शिक्षित हो, उतना ही अधिक वह सरल, विनम्र और सभ्य हो।

एक पढ़े-लिखे व्यक्ति की पहचान उसके व्यवहार से होनी चाहिए, जैसे- वह किसी बस या गाड़ी में बैठा हो और कोई बुज़ुर्ग व्यक्ति खड़ा हो, तो वह तुरंत कहे-“दादाजी, आइए आप बैठ जाइए, मैं खड़ा रह सकता हूँ।” ऐसे व्यवहार से लगे कि वह सच में पढ़ा-लिखा और संस्कारी है। आज की स्थिति यह है कि पढ़े-लिखे लोग तो बहुत हैं लेकिन उनमें से अधिकतर में न तो विनय बचा है और न ही सभ्यता। इसका मूल कारण यही है कि शिक्षा में आध्यात्मिकता नहीं है। मेरा मानना है कि इस स्थिति को आध्यात्मिक शिक्षा ही सुधार सकती है। बच्चे तो मासूम होते हैं, उन्हें स्वयं यह समझ नहीं होती कि उनके लिए क्या अच्छा है। उनके कल्याण के लिए हमें प्रयास करने होंगे — हम यदि उनके लिए नामजप करें, तो अवश्य ही परिवर्तन होगा।

यह भी पढ़ें- https://panchjanya.com/2025/09/11/434685/lifestyle/premananda-ji-maharaj-what-to-do-if-people-are-not-happy-even-after-performing-the-duty/

अगर हम बच्चों को प्यार और स्नेह से समझाएं, जैसे- “आओ बेटा, 10 मिनट ‘राधा-राधा’ बोलो, भगवान का नाम लो, फिर हम तुम्हारे लिए विशेष भोग बनाएंगे।” तो वे धीरे-धीरे नामजप में रुचि लेने लगते हैं। शुरू में हो सकता है कि वे एक-दो दिन करें फिर हफ्ते भर छोड़ दें लेकिन अगर वे सप्ताह में एक दिन भी करने लगें, तो वह एक शुरुआत होगी। धीरे-धीरे वे नामजप और भजन में रुचि लेने लगेंगे। कई जगह बच्चों को खेल-खेल में भजन कराया जाता है, जैसे- “जब तक ‘राधा-राधा’ नहीं बोलोगे, तब तक प्रसाद नहीं मिलेगा।” फिर बच्चे खेल-खेल में ही नाम जपते हैं- “राधा-राधा, राधा-राधा…”और यह नामजप उनके मन में उतरने लगता है। फिर जब वे भजन, कथा, संतवाणी सुनने बैठते हैं, तो धीरे-धीरे उनके संस्कार बदलते हैं। जैसे अर्जुन ने गर्भस्थ अभिमन्यु को चक्रव्यूह भेदन की शिक्षा दी थी, वैसे ही यदि हम भी गर्भस्थ या छोटे बच्चों को भगवान की कथाएँ, भजन व नाम सुनाएँगे, तो उनके भाव बदलेंगे, संस्कार सुधरेंगे, और उनका जीवन भी आध्यात्मिक दिशा में अग्रसर होगा।

Topics: premanand ji maharaj vrindavanप्रेमानंद जी महाराजPremanand Ji Maharajप्रेमानंद जी महाराज प्रवचनbhajan margpremanand ji maharaj vaniPremanand Ji Maharaj Ke Vichaar
Mahak Singh
Mahak Singh
2022 में ज़ी न्यूज़ से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद न्यूज़ नेशन, दैनिक जागरण और न्यूज़ 24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में पाञ्चजन्य में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। ज़िमा ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से मैने पत्रकारिता की है। [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

क्या नाम बदलने से बदल जाता है भाग्य? प्रेमानंद महाराज ने इस पर क्या कहा, जानिये

प्रेमानंद जी महाराज

क्या छोटे बच्चों को रोने पर मोबाइल देना उचित है?

प्रेमानंद जी महाराज

कर्म से भाग्य बनता है या भाग्य से कर्म?

प्रेमानंद जी महाराज

जो युवा Reels देखने में वक्त गंवा रहे हैं, वे यह जरूर पढ़ें

प्रेमानंद जी महाराज

सिर्फ किस्मत का इंतजार मत करो!

प्रेमानंद जी महाराज

AI को लेकर डर में जी रहे हैं? प्रेमानंद जी महाराज की ये बात जरूर सुननी चाहिए

Load More

ताज़ा समाचार

यूरोपी में गर्मी से बुरा हाल

यूरोप में जानलेवा गर्मी : फ्रांस में अबतक करीब 1,000 लोगों की मौत

प्रियांक खड़गे

RSS मानहानि मामला: प्रियांक खड़गे और मोहम्मद हैरिस के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश, कोर्ट ने दोनों को किया तलब

तत्कालीन सरसंघचालक बालासाहब देवरस एवं इंदिरा गांधी की तानाशाही

इंदिरा की अकड़ और बालासाहब की स्पष्टता

सुरों की साधना

सुरों की संगिनी प्रकृति: ऋतु चक्र, प्रहर और शास्त्रीय संगीत का शाश्वत नाता

रणधीर जायसवाल

कराची हमले के आरोपों को भारत ने बताया निराधार, कहा- पाकिस्तान अपने यहां आतंकी ढांचे पर करे विश्वसनीय कार्रवाई

ओ पी चौधरी, वित्त मंत्री, छत्तीसगढ़

श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वालों को मंदिर दान प्रकरण पर बोलने का अधिकार नहीं : ओ पी चौधरी

बात भारत की

सदियों पुराना नाता : सुवर्णभूमि से ‘एक्ट ईस्ट’ तक भारत दक्षिण पूर्व एशिया के संबंध

मुंबई पुलिस ने फैयाज को किया गिरफ्तार

मुहर्रम के दिन जहरीले कैप्सूल बांटकर 15000 लोगों को मारने की थी साजिश, जानें कैसे दबोचा गया फैयाज

प्रतीकात्मक तस्वीर (AI-generated image)

एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर अफवाहों से बचें, सोशल मीडिया पर वायरल दावे भ्रामक: सरकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशल्स सरकार ने ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ अवॉर्ड से किया सम्मानित

दुनिया में बढ़ती भारत की साख : सेशेल्स ने पीएम मोदी को सबसे बड़े सम्मान ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से किया सम्मानित

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies