नई दिल्ली: नेपाल में युवाओं के आंदोलन और हिंसा के बाद अब अंतरिम प्रधानमंत्री के चयन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। Gen-Z पहले ही दो धड़ों में बंटा हुआ दिख रहा है। जिस कारण अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि कौन नेपाल की सत्ता संभालेगा? बृहस्पतिवार को रात भर नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और सेनाध्यक्ष अशोक राज सिगडेल के बीच बैठक चली और इसके बाद पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की के नाम पर सहमति बनने की खबर सामने आई। हालांकि, सुशीला कार्की ने कहा कि अभी कुछ निश्चित नहीं है, मेरा नाम प्रस्तावित है और यह बदल भी सकता है। इस बीच एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है जिसने नेपाल की राजनीति में फिर से खलबली मचा दी है। वीडियो में साफ तौर पर सेना को धमकी दी जा रही है।
क्या है इस वीडियो में ऐसा जिसने बढ़ाई सेना की चिंता?
इस वायरल वीडियो में एक शख्स नेपाल के राष्ट्रपति और सेनाध्यक्ष को धमकी दे रहा है कि अगर सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री नहीं बनाया गया तो सीने पर गोली खाने को तैयार रहो। यह धमकी सुदन गुरुंग ने दी है जिसे Gen-Z आंदोलन का चेहरा माना जा रहा है। वायरल वीडियो में गुरुंग सेना के एक अधिकारी को फोन करके धमकी दे रहे हैं कि अगर सुशीला कार्की के नाम पर सहमति नहीं बनती है तो वो राष्ट्रपति भवन का घेराव करेंगे। वीडियो में राष्ट्रपति को अपशब्द भी बोले जा रहे हैं। गुरुंग वीडियो में कह रहा है कि अगर हमारी शर्तें नहीं मानीं तो सभी नेताओं को मार दिया जाएगा।
कौन है राष्ट्रपति और सेनाध्यक्ष को धमकी देने वाला गुरुंग?
सुदन गुरूंग हामी नेपाली संस्था का अध्यक्ष है। वह राष्ट्रपति भवन का घेराव करने और गोली मारने की धमकी दे रहा है। हामी नेपाली वही संस्था है जो Gen-Z आंदोलन के नेतृत्व करने का दावा कर रही है। सुदन गुरूंग ने अपने वीडियो में राष्ट्रपति पौडेल को रोड पर घसीटने की भी धमकी दी है। सुदन गुरुंग 36 साल का है। उसकी ही संस्था ने नेपाल में 8 सितंबर को युवाओं के प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। हालांकि नेपाल में युवाओं के आंदोलन के कई प्रतिनिधि चेहरे सामने आ रहे हैं। कई Gen-Z प्रतिनिधि दावा कर रहे हैं कि यह पूरी तरह से नागरिक आंदोलन है और इसमें कोई राजनीति न करें। प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधि आपस में ही अंतरिम पीएम के चेहरे को लेकर एकमत नहीं हैं। युवाओं के इस आंदोलन के प्रतिनिधि दिवाकर दंगल, अमित बनिया और जुगल दंगल ने नेताओं को चेताया है कि वह अपने स्वार्थों के लिए इस आंदोलन का इस्तेमाल न करें। नेपाल में हिंसा और विरोध प्रदर्शन के पांचवें दिन भी हालत तनावपूर्ण हैं।

















