भुवनेश्वर: मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में लोकसेवा भवन में आयोजित 26वीं राज्य मंत्रिमंडल बैठक में भुवनेश्वर के लिए महत्वाकांक्षी ‘न्यू सिटी डेवलपमेंट’ योजना को मंजूरी दी गई है। सरकार ने भुवनेश्वर को आधुनिक, समावेशी और सतत शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
800 एकड़ क्षेत्र में होगा न्यू सिटी का डेवलमेंट
मुख्य सचिव मनोज आहूजा का कहा है कि प्रस्तावित नई सिटी लगभग 800 एकड़ क्षेत्र में, भुवनेश्वर विकास योजना क्षेत्र के अंतर्गत गोठपाटना, मालिपाड़ा और दासपुर मौजों में विकसित की जाएगी। इस परियोजना की परिकल्पना “विकसित ओडिशा 2036” की दीर्घकालिक दृष्टि के अनुरूप बहु-आर्थिक विकास क्षेत्र के रूप में की गई है। अधिकारियों के अनुसार, नई सिटी को ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इससे बेहतर सार्वजनिक परिवहन, कम यात्रा दूरी और सहज संपर्क पर जोर होगा। साथ ही “हाउसिंग फॉर ऑल” के लक्ष्य के अनुरूप सभी आय वर्गों के लिए किफायती और विविध आवासीय विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे।
परियोजना में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी
परियोजना में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं जैसे MICE (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस और एग्जीबिशन) केंद्र, नवाचार-आधारित प्लग-एंड-प्ले हब और आधुनिक डाटा प्रबंधन केंद्र शामिल होंगे। इसके साथ ही “क्रिएटिव प्लेसमेकिंग” पर विशेष जोर देते हुए सेंट्रल फॉरेस्ट पार्क, गेटवे प्लाजा और बड़े सार्वजनिक खुले क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जो सामुदायिक सहभागिता और सांस्कृतिक जीवन को प्रोत्साहित करेंगे। परियोजना को जलवायु अनुकूलता और पर्यावरणीय स्थिरता को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।

इसमें स्मार्ट और ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर समाधान शामिल किए जाएंगे, ताकि संसाधनों का कुशल उपयोग और नागरिकों की जीवन गुणवत्ता में सुधार हो सके। इस पहल का एक बड़ा मील का पत्थर 17 जनवरी 2025 को सामने आया, जब भुवनेश्वर विकास प्राधिकरण (BDA) ने सिंगापुर की सुरबाना जुरोंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. (SJI) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सिंगापुर के राष्ट्रपति और ओडिशा के मुख्यमंत्री भी उपस्थित थे। इस साझेदारी के तहत SJI मास्टर प्लान तैयार करने और ग्रीनफील्ड टाउनशिप के शहरी बुनियादी ढांचे पर परामर्श सेवाएं देगा।
प्रारंभिक चरण के लिए 1342 करोड़ रुपये का प्रावधान
परियोजना को अगले 15 वर्षों में पूरा करने के लिए BDA ने कुल 8,179 करोड़ रुपये का निवेश अनुमानित किया है। इसे सार्वजनिक और निजी दोनों स्रोतों से वित्तपोषित किया जाएगा। प्रारंभिक चरण (2025-26 से 2029-30) के लिए राज्य सरकार ने 1,342 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है, जिसका उपयोग भूमि अधिग्रहण, सड़क निर्माण, उपयोगिता सेवाएं, सार्वजनिक सुविधाएं और प्रशासनिक कार्यों में किया जाएगा।
मंत्रिमंडल ने ओडिशा पंचायत समिति लेखा प्रक्रिया नियम, 2002 में संशोधन कर अधिकारियों के वित्तीय अधिकार भी बढ़ा दिए हैं। अब ब्लॉक विकास अधिकारियों की बिल पास करने की वित्तीय सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है, जिसके लिए पंचायत समिति अध्यक्षों के काउंटर-सिग्नेचर की आवश्यकता नहीं होगी। इसी तरह तकनीकी स्वीकृति और प्रशासनिक मंजूरी के अधिकार इंजीनियरों और जिला परिषदों के मुख्य विकास अधिकारियों को सौंपे गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इन सुधारों से प्रक्रियाएं सरल होंगी, देरी से बचा जा सकेगा और विकास योजनाओं का समय पर कार्यान्वयन सुनिश्चित होगा। बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने पिछले 25 मंत्रिमंडल सत्रों में लिए गए 149 प्रस्तावों (34 विभागों से संबंधित) का संकलन भी जारी किया।

















