कई हफ्तों तक बारिश का इंतजार करने के बाद आखिरकार मानसून ने पूरे देश में दमदार वापसी कर ली है। जून और जुलाई के शुरुआती दिनों में सामान्य से कम बारिश होने के कारण जहां किसानों की चिंता बढ़ गई थी, वहीं कई राज्यों में भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया था। अब मौसम ने करवट ली है और भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने अगले एक सप्ताह तक देश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना जताई है। यह बारिश जहां खेती-किसानी के लिए राहत लेकर आई है, वहीं पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्क रहने की भी जरूरत है।
भारी बारिश का अलर्ट, किसानों को राहत
आईएमडी के अनुसार उत्तर भारत के हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में अगले तीन से चार दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ने, निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में बादल फटने, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश की यह नई सक्रियता किसानों के लिए किसी राहत से कम नहीं है। जून में करीब 40 प्रतिशत कम वर्षा होने के कारण खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हुई थी। अब मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों की अच्छी बारिश से वर्षा का संतुलन सुधरेगा और धान, मक्का, सोयाबीन समेत अन्य फसलों को पर्याप्त नमी मिल सकेगी। इससे खेती की रफ्तार भी तेज होने की उम्मीद है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मानसूनी ट्रफ राजस्थान से बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, झारखंड, पंजाब, राजस्थान और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कई साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण देशभर में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। पिछले 24 घंटों में देश के करीब 80 प्रतिशत हिस्से में बारिश दर्ज की गई, जबकि अगले एक-दो दिनों में लगभग पूरा देश मानसून के प्रभाव में आ सकता है। उत्तर भारत के अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्र, मुंबई, कर्नाटक और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अच्छी बारिश का अनुमान है। हालांकि मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन की ओर से जारी सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। कुल मिलाकर, मानसून की यह वापसी जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत देगी, वहीं कृषि क्षेत्र के लिए भी नई उम्मीद लेकर आई है।















